ईद के मौक़े पर पंजाब CM ने किया बड़ा एलान, मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र को बनाया ज़िला..

May 15, 2021 by No Comments

चंडीगढ़: पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (CM Amarinder Singh) ने शुक्रवार को मलेरकोटला निवासियों को अज़ीम तोहफा दिया. उन्होंने ईद के मुबारक त्यौहार पर मलेरकोटला को राज्य का नया ज़िला घोषित कर दिया. मुस्लिम बहुल इस क़स्बे की बड़ी राजनीतिक हैसियत मानी जाती है.संगरूर ज़िले में स्थित मलेरकोटला के साथ लगे अमरगढ़ और अहमदगढ़ भी पंजाब के इस 23वें जिले का हिस्सा होंगे.

संगरूर जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित मलेरकोटला को जिले का दर्जा कांग्रेस का चुनावी वादा था. ईद-उल-फितर के मौके पर लोगों को बधाई देने के लिए राज्य स्तर पर ऑनलाइन तरीके से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मलेरकोटला के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज, एक महिला कॉलेज, एक नया बस स्टैंड और एक महिला पुलिस थाना बनाने की भी घोषणा की.

नये जिले की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं जानता हूं कि यह लंबे समय से लंबित मांग रही है.” सिंह ने कहा कि मलेरकोटला शहर, अमरगढ़ और अहमदगढ़ भी मलेरकोटला की सीमा में आएंगे. बाद में एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि ईद-उल-फितर के पाक मौके पर मेरी सरकार ने घोषणा की है कि मलेरकोटला राज्य का नवीनतम जिला होगा. 23वें जिले का विशाल ऐतिहासक महत्व है. जिला प्रशासनिक परिसर के लिए उचित स्थान का तत्काल पता लगाने का आदेश दिया है.”

उन्होंने इस मौके पर कहा कि देश की आज़ादी के वक्त पंजाब में 13 जिले थे. वर्ष 1947 में बंटवारे के दौरान मलेरकोटला में काफी हद तक शांति रही, जबकि भारत-पाकिस्तान सीमा पर सांप्रदायिक संघर्ष और बड़े पैमाने पर पलायन हुआ. इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण काफ़ी बदल गए हैं.

माना जा रहा है कि ये कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के प्रयासों की जीत है. यूँ तो मलेरकोटला को ज़िला बनाने की माँग सन 2002 से चल रही थी लेकिन मौजूदा कांग्रेस सरकार के दौरान दो कैबिनेट मंत्रियों की जिला संगरूर में एकाधिकार की लड़ाई ने मलेरकोटला को जिला बनाने में ज्यादा अहम भूमिका निभाई है।

इसके साथ ही रज़िया सुलतान की राजनीतिक हैसियत काफ़ी बढ़ गई है. पिछले अढ़ाई सालों से जिला संगरूर पर कैबिनेट मंत्री विजयइंद्र सिगला का एकाधिकार था। प्रशासन में वर्करों के कामकाज से लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों के जिला स्तरीय फेरबदल में कैबिनेट मंत्री सिगला की अहम भूमिका रहती थी, जो अब मलेरकोटला जिला बनने के बाद जिला संगरूर तक सीमित रह जाएगी और मलेरकोटला के फैसले कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के अधिकार क्षेत्र में आ जाएंगे।

कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने मलेरकोटला को जिला घोषित करवाकर न केवल मलेरकोटला निवासियों का दिल जीत लिया है, बल्कि मुस्लिम भाईचारे में भी अपनी अच्छी पैठ जमा ली है। मुस्लिम भाईचारा लंबे अर्से से मलेरकोटला को जिला बनाने की मांग कर रहा था, लेकिन अकाली सरकार दौरान यह मांग पूरी न हो सकती। इसका खामियाजा अकाली उम्मीदवार को हार से चुकाना पड़ा था। – अकाली दल व आप को करना होगा मंथन

कांग्रेस सरकार द्वारा मलेरकोटला को जिला घोषित करवाकर न केवल मलेरकोटला में राजनीतिक बढ़त हासिल कर ली है, बल्कि अन्य राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनौती बन गई है। अकाली दल व आम आदमी पार्टी की टिकट के दावेदारों के लिए अब मंथन करने की बारी आ गई है।

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