नई दिल्ली: गुजरात में दो सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होने हैं. इन दोनों सीटों पर चुनाव आयोग ने अलग-अलग चुनाव कराने का फ़ैसला किया है. हालाँकि ये चुनाव होने एक ही दिन हैं. कांग्रेस लेकिन इस बात से संतुष्ट नहीं थी. कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. कांग्रेस को लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट से झ’टका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यवाही में दख़ल देने से इनकार कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद चुनावी याचिका यानी इलेक्शन पेटिशन के जरिए ही इसे चुनौती दी जा सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता गुजरात प्रदेश कांग्रेस के वकील विवेक तंखा से कहा कि अभी निर्वाचन आयोग के सामने याचिका लगाएं. अदालत ने कहा कि एक बार चुनाव प्रक्रिया ख़त्म हो जाए तब हम चुनाव याचिका के रूप में सुनेंगे इस समय नहीं.

साथ ही कोर्ट ने कहा कि रेगुलर वैकेंसी भरने के लिए एकसाथ चुनाव होते हैं. लेकिन आकस्मिक यानी कैजुअल वैकेंसी के लिए एक साथ चुनाव कराने की कोई बाध्यता नहीं है. कोर्ट ने कहा कि आप अगर चाहें तो चुनाव आयोग में याचिका दाख़िल करें. आपको बता दें कि कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने के बाद चुनाव आयोग से इस पर जवाब मांगा गया था.

राज्यसभा की ये दो सीटें अमित शाह और स्मृति ईरानी के इस्तीफ़ा देने के बाद ख़ाली हुई हैं. स्मृति ईरानी और अमित शाह दोनों लोकसभा का चुनाव जीत कर लोकसभा पहुँच गए हैं. इस वजह से उन्हें राज्यसभा से इस्तीफ़ा देना ज़रूरी हो गया था. कांग्रेस की माँग थी कि चूँकि दोनों ने एक ही समय पर इस्तीफ़ा दिया है तो राज्यसभा चुनाव भी एक साथ ही हों.

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