क्रेमलिन: रूस और सऊदी अरब के बीच कुछ समय से चल रहे ‘तेल यु’द्ध’ के ख़त्म होने को लेकर जहां संभावनाएं बढ़ने लगी थीं वहीँ अब रूस ने एक ऐसा बयान दिया है जो चौंकाने वाला है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ये दावा किया था कि रूस और सऊदी अरब अपना तेल आउटपुट घटा देंगे. उन्होंने दावा किया था कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच इसको लेकर समझौता हो गया है.

एक ट्वीट में उन्होंने कहा था कि वो उम्मीद कर रहे हैं कि 1 करोड़ बैरेल का कट तेल प्रोडक्शन में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर ये होता है तो ऑइल और गैस इंडस्ट्री के लिए बहुत अच्छा होगा. अमरीकी राष्ट्रपति के बयान पर रूस की ओर से बयान आया है. रूस ने अमरीकी राष्ट्रपति के दावे को ग़लत बताया है. रूस ने कहा कि इस तरह की कोई बात ही नहीं हुई है.

रूसी सरकार के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है. आपको बता दें कि सऊदी अरब- रूस के बीच कच्चे तेल के कार’ण चल रहे यु’द्ध को लेकर अमेरिका के रा’ष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था। एक अप्रैल को रा’ष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सऊदी अरब- रूस के बीच कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चल रही ल’ड़ाई को ख़’त्म करने के लिए अमेरिका तैयार है। इस युद्ध के कार’ण कच्चे तेल की कीमतें 17 साल के निचले स्तर पर आ गई है। कोरोना वाय’रस के बढ़ते क’हर के कार’ण पहले ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

वहीं मार्च के शुरुआती दिनों में सऊदी अरब ने कच्चे तेल के निर्यात को बढ़ाने के लिए कहा था। बता दें कि सऊदी अरब और तेल के उत्पादक देशों के बीच पैदावा’र कटौती को लेकर समझौता हुए था जिसमें सऊदी अरब ने कहा था कि वह निर्यात बढ़ाएगा। वहीं सोमवा’र को सऊदी अरब ने कहा कि वह मई में कच्चे तेल के निर्यात को बढ़ाकर 1.06 करोड़ बैरल प्रतिदिन करेगा, जबकि कच्चे तेल की आपूर्ति पहले से जरूरत से अधिक है। अमेरिका के रा’ष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और रूस के रा’ष्ट्रपति व्लादिमिर पुतीन से फोन पर बात की थी।

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