भाजपा की सहयोगी पार्टी को मिली शि’कस्त, कांग्रेस की क़रीबी पार्टी ने…

वेल्लोर: भारतीय जनता पार्टी लम्बे समय से ये प्रयास कर रही है कि वो दक्षिण भारत में भी अपनी पक’ड़ मज़बू’त करे लेकिन कर्णाटक के अलावा किसी भी राज्य में पार्टी को कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिल सकी है. भाजपा ने तमिल नाडू में भी ख़ुद को म’ज़बूत करने की कोशिश की है और साथ ही वहाँ की सत्ता धारी पार्टी से गठबंधन भी किया हुआ है. AIADMK से गठबंधन करके भाजपा यहाँ ख़ुद को मज़’बूत करने में लगी है.

परन्तु AIADMK लगातार अपनी ज़मीन खो रही है. इसकी वजह बहुत से जानकार पार्टी की भाजपा से नज़दीकी को भी बताते हैं. असल में आज वेल्लोर लोकसभा उपचुनाव के नतीजे आये हैं. इस सीट पर 5 अगस्त को चुनाव हुए और वोटों की गिनती आज हुई. DMK उम्मीदवार काथिर आनंद ने AIADMK के उम्मीदवार एसी शनमुगम को हरा दिया. DMK उम्मीदवार पहले ही राउंड से आगे थे.

इस सीट के लिए चुनाव अप्रैल में होना था परन्तु इसे रद्द किया गया था, इसकी वजह ये थी कि आनंद के सहयोगी के पास से बेहिसाब नकदी बरामद हुई थी। ये जी’त DMK के लिए ही बड़ी जी’त नहीं है बल्कि कांग्रेस के लिए भी है. इस जी’त के साथ ही DMK और उसके सहयोगियों की राज्य में 38 सीटें हो गई हैं जबकि AIADMK के पास बीएस एक सीट है. इस जी त को DMK बड़ी जी’त मान रही है वहीँ AIADMK इस जी’त को बड़ी जी’त नहीं मान रही. पार्टी का दावा है कि जब विधानसभा चुनाव होंगे तो उनकी ही पार्टी ईतेगी. AIADMK का कहना है कि DMK ने इस सीट को जी’तने के लिए करोड़ों रुपया ख़र्च किया. वहीँ DMK के नेता इसे जनता की जी’त बता रहे हैं.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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