भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा एक अधिकारी को क्रिकेट बैट से पी’टने के मामले में बयान दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले का संज्ञान लेने के बाद बधाई दी. उन्होंने अपना पक्ष ट्विटर के ज़रिए रखा. मोदी ने इस घटनाक्रम पर कार्रवाई करने की ओर इशारा किया था और बग़ैर नाम लिए कहा था,”बेटा किसी का भी हो, ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.”

बुधवार के रोज़ दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा,”आकाश विजयवर्गीय कहते हैं- हमें भाजपा में सिखाया जाता है- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दनादन’. क्या इससे स्पष्ट नहीं होता कि भाजपा को न नियम पर, न क़ानून पर और न ही संविधान पर विश्वास है?” उन्होंने आगे लिखा,”मोदी जी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में आकाश के इस बयान के खिलाफ नाराजगी प्रकट की और आकाश के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये.”

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि यही नहीं भाजपा के उन कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिये जिन्होंने आकाश के जेल से छूटने के बाद उसका स्वागत किया और ‘हर्ष फायरिं’ग’ की. अगर ऐसा होता है तो मोदी जी आपको बधाई. यदि नहीं होता है तो यही कहेंगे आपकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है और आपकी नियत साफ़ नहीं है. दिग्विजय सिंह ने आकाश के पिता और क़द्दावर भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय पर भी टिपण्णी की.

उन्होंने लिखा,”मुझे नहीं लगता कि अमित शाह जी अपने प्रिय मित्र कैलाश विजयवर्गीय के बेटे का कोई नुकसान होने देंगे. देखते हैं.” इस बीच, मध्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा,”भारतीय जनता पार्टी अपनी पंचनिष्ठा में से एक ‘मूल्य आधारित राजनीति’ के लिए प्रतिबद्ध रही है. इससे राजनैतिक विकृतियों से इसमें विचलन न आये, इसलिए समय-समय पर वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन करते हैं. कांग्रेस ने यदि अपनी आंतरिक सुधार की प्रक्रिया चलाई होती तो राजनीति को कांग्रेस दुष्प्रभावित नहीं करती. दिग्विजय सिंह जी कांग्रेस में नैतिक सुधार लाएं तो अच्छा होगा. भाजपा अपना व्यवहार समाज की अपेक्षा और आकांक्षा के अनुसार रखने के लिए प्रतिबद्ध है.”

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिनों पहले इंदौर नगर निगम का दल गंजी परिसर क्षेत्र में एक गिराऊ मकान को तोड़ने पहुँचा था. इसकी सूचना मिलने पर भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय की नगर निगम कर्मियों से नोकझोंक हो गई और आकाश ने नगर निगम अधिकारी की बल्ले से पिटायी कर दी. इस घटना को लेकर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया और आकाश को जेल भेज दिया था. बाद में उनकी रिहाई के बाद उनके समर्थकों ने जश्न मनाया था और फूलों से स्वागत किया था. जेल से जमानत पर छूटने के बाद आकाश ने कहा था कि वह जनता की सेवा करते रहेंगे लेकिन उन्होंने इस घटना पर खेद प्रकट नहीं किया था.

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