तीसरी लहर से पहले ही PM मोदी ने आम लोगों को दी चेतावनी, ‘वायरस हमारे बीच…’

नई दिल्ली: देश ने कोरोना सं’क्रमण की दूसरी लहर में बहुत परेशानियां उठाई है। दूसरी लहर की त’बाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला कर रख दिया। तमाम कोशिशों के बाद अब कुछ हद तक दूसरी लहर पर काबू पा लिया गया है। लेकिन अब तीसरी लहर की चिंता सताने लगी है। तीसरी लहर बच्चों के लिए ज़्यादा नु’कसानदायक साबित हो सकती है।

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कोरोना का ख’तरा अभी टला नही है। वायरस के स्वरूप बदलने की संभावना अभी भी बनी हुई है। इसलिए हमें अभी भी कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करने की जरूरत है। अगर म,हामारी को लेकर ज़रा भी लापरवाही बरती गई तो तीसरी लहर फिर काल बनकर आ सकती है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, देश को तीसरी लहर से बचाने के लिए हमने अभी से प्रयास शुरू कर दिए हैं। 1 लाख फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स महाभियान की शुरूआत की जा रही है। 1 लाख कोरोना वारियर्स के लिए विशेष रूप से ‘क्रैश कोर्स’ की शुरुआत की है। पीएम मोदी ने आगे बताया की, 21 जून से और बड़े स्तर पर टीकाकरण की शुरुआत होने जा रही है।

देश के सभी नागरिकों को मुफ्त टीका लगाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसलिए अब यह और भी ज़रूरी हो गया कि कोविड प्रोटोकॉल का क’ड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि हमने दूसरी लहर में देखा है कि वायरस लगतार अपना स्वरूप बदलता रहता है इसलिए हमे अपनी तैयारियों को और ज्यादा बेहतर करना होगा। उन्होंने आगे बताया, कोरोना महामारी ने हर देश, संस्था, परिवार, व्यक्ति को बार बार परखा है। इसलिए हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार और ज्यादा करना होगा।

पीएम मोदी ने कहा, देशभर में डेढ़ हज़ार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लान्ट विकसित करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर और पीपीई किट को गांव गांव पहुंचाने का काम बहुत तेज़ी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अभियान के लिए स्किल्ड मैन पावर का पूल होना बहुत ज़रूरी है। इसलिए 1 लाख लोगों को जोड़ा जा रहा है। ये लोग तीन चार माह में ट्रेंड हो जाएंगे और एक ट्रेंड सहायक के रूप में वर्तमान व्यवस्था को सहायता देंगे। हर राज्य और यूटी की मांग के आधार पर देश के टॉप विशेषज्ञों ने मिलकर कोर्स डिज़ाइन किया है। आज 6 नए कस्टमाइज़ कोर्स लांच किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से कोरोना से लड़ रहे योद्धाओं को मदद मिलेगी व नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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