दिल्ली में श’राब की दुकानों पर उम’ड़ी भी’ड़ हुई बे’क़ाबू, लोगों ने पूछा सवाल,’क्या अब भी निज़ामुद्दीन मर’कज़…

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर जारी लॉक डाउन अब अपने तीसरे चरण में पहुँच चुका है. लॉक डाउन-3 में सरकार ने कुछ छूट भी दी है लेकिन इसको लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. सरकार ने लॉक डाउन तीन के दौरान शरा’ब की दुकानें खोलने पर भी अनुमति दे दी है. इसी वजह से आज देश भर में श’राब की दुकानें खुलीं जिसके बाद लम्बी लम्बी क़तारों में शरा’बी शरा’ब ख़रीदने के लिए जमा हुए.

अधिकतर जगहों पर दुकानों में बेतहाशा भीड़ देखने को मिली. लम्बी लम्बी क़तारों में श’राब ख़रीदने आये लोगों में शरा’ब ख़रीदने को लेकर इतना सब्र रहा कि कुछ जगहों पर नम्बर सुबह जाने पर शाम को आया. कई दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तार-तार हो गए. दिल्ली में श’राब की दुकानों पर इस तरह की भीड़ देखने को मिली कि खुलने के कुछ ही देर बाद दुकानें बंद भी करनी पड़ गईं.


इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियाँ उड़ीं. कुछ जगह पर 2 किलोमीटर से भी लम्बी लाइन लगी थी. दिल्ली में कई जगह भीड़ बेक़ाबू हो गई जिसकी वजह से दिल्ली पुलिस को दुकानें बंद करवानी पड़ गईं. कश्मीरी गेट के पास पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाना पड़ा. पुलिस की ओर से कृष्णानगर में खुली शरा’ब की दुकान को भी बंद करवाया गया, क्योंकि यहां पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे. इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है.

कई सोशल मीडिया पोस्ट में कहा जा रहा है कि क्या ये भीड़ कोरोना फैलाने का काम नहीं करेगी. एक पोस्ट में ये भी कहा गया कि क्या इस भीड़ के लिए भी जमात और निज़ामुद्दीन मरकज़ को दोष दिया जाएगा. कुछ जानकार मानते हैं कि शराब की दुकानें खुल जाने से घरेलु हिं’सा बढ़ सकती है. हालाँकि शराब पीने वाले लम्बे समय से लॉक डाउन के दौरान श’राब की दुकानें खोले जाने की माँग कर रहे थे.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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