दक्षिण के राज्य में शुरू हुआ सियासी दौर, स्टालिन के ख़िलाफ़ भाई थाम सकते हैं भाजपा..

November 17, 2020 by No Comments

चेन्नई: अगले साल तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दलों ने तैयारियाँ शुरू कर दी हैं. मुख्य मुक़ाबला AIADMK और DMK के बीच माना जा रहा है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि दिवंगत नेत्री जयललिता की ग़ैर-मौजूदगी में AIADMK कमज़ोर है लेकिन DMK भी अपनी आंतरिक समस्याओं से जूझ रही है. पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि (M Karunanidhi) के बड़े बेटे एमके अलागिरी DMK से नाराज़ हैं और नए राजनीतिक दल के गठन की बात कर रहे हैं.

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन हालाँकि उन्हें ज़्यादा प्रभावी नहीं मानते. एक समाचार चैनल से बात करते हुए अलागिरी ने कहा,”मैं अपने समर्थकों के साथ बातचीत कर रहा हूं. हम चर्चा कर रहे हैं कि क्या हमें अपनी पार्टी बनानी चाहिए या हमें किसी पार्टी को अपना समर्थन देना चाहिए.” ऐसी भी ख़बरें हैं कि अलागिरी भाजपा के साथ मिल सकते हैं. भाजपा भी उन्हें अपने साथ मिलाना चाहती है. इसका कारण ये भी है कि भाजपा का राज्य में कोई विशेष जनाधार नहीं है और अलागिरी के उनके पाले में आने से उनके पास जनता को बताने को कुछ होगा.

वहीं अलागिरी कह रहे हैं कि भाजपा के किसी नेता ने उनसे बात नहीं की है. २१ नवम्बर को गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान उनसे मुलाक़ात की ख़बरों पर अलागिरी कहते हैं कि गृह मंत्री मुझसे क्यूँ मिलेंगे? DMK के नेता इस सिलसिले में कह रहे हैं कि उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी अगर अलागिरी भाजपा से मिल जाते हैं. साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि अलागिरी का जनता पर विशेष प्रभाव नहीं है.

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