क्राउन प्रिंस के नेतृत्व में सऊदी अरब की एक और बड़ी कामयाबी, रियाद में होगा..

इसमें कोई दो राय नहीं है कि सऊदी अरब अरब देशों में सबसे ताक़तवर माना जाता है. सऊदी अरब ने लगातार विकास किया है परन्तु ये भी माना जाता रहा है कि देश का विकास बहुत हद तक तेल पर निर्भर रहा है. सऊदी अरब ने पिछले कुछ सालों में अपनी अर्थव्यवस्था की निर्भरता को तेल से ख़त्म करने के लिए बहुत से क़दम उठाये हैं. उनमें से एक अर्थव्यवस्था के लिए अलग अलग व्यापारिक क्षेत्र शुरू किए गए हैं. समाज में ज़रूरी सुधार किए गए हैं.

तेल से समृद्ध राष्ट्र ने उदारीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया है जिसमें महिलाओं को पहले की तुलना में अधिक अधिकार दिए गए हैं. हालाँकि सऊदी सरकार की जमाल ख़शोजी की हत्या के मामले में कड़ी निंदा हुई है. फिर भी सऊदी अरब पर किसी प्रकार का कोई असर नहीं पड़ा है. अब ख़बर है कि जी-20 की अध्यक्षता सऊदी अरब को जापान से मिल रही है जो अगले वर्ष 21-22 नवम्बर को अपनी राजधानी में वैश्विक शिखर सम्मेलन में विश्व के बड़े नेताओं की मेजबानी करेगा।

आधिकारिक सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने कहा, ”सऊदी अरब ने आज जी-20 की अध्यक्षता हासिल की। 2020 में रियाद में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।” एसपीए ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, ”सऊदी अरब जी-20 की अध्यक्षता में ओसाका के कार्य को आगे बढ़ाएगा और बहुस्तरीय सम्मति को बढ़ावा देगा।”

सऊदी अरब के जी२० की मेज़बानी करने से कई मानकों पर देश की पहचान में बढ़त मिलेगी. पश्चिमी देशों में एक मत है कि सऊदी अरब महिला अधिकारों के लिए काम नहीं कर रहा लेकिन अब जबकि सऊदी अरब इस ओर काम कर रहा है तो ये सब बातें एक बड़े मंच पर आकर बताएगा जिससे कि उसकी साख में और बढ़त होगी. जानकार मानते हैं कि ये सऊदी क्राउन प्रिंस की कूटनीति का ही नतीजा है जिसकी वजह से सऊदी अरब एक बार फिर दुनिया में नाम कमा रहा है.

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