क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फ़ैसले पर उस्मान ख़्वाजा का बड़ा ब’यान,’मैं देश के टॉप..’

केनबेरा: यूँ तो क्रिकेट की गतिविधियाँ इस समय रुकी हुई हैं लेकिन क्रिकेट की ख़बरें कम नहीं हुई हैं. ख़बर ऑस्ट्रेलिया से है, ऑस्ट्रेलिया के मशहूर खिलाड़ी उस्मान ख़्वाजा(Usman Khwaja) को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है. उस्मान को ऑस्ट्रेलिया के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है. उस्मान ने इस पर टिपण्णी की है. उन्होंने कहा कि वो हा’र नहीं माँगेंगे और अपना स्ट्रगल जारी रखेंगे.

ख़्वाजा ने दावा किया कि वो इस समय देश के टॉप 6 बल्लेबाज़ों में शुमार हैं. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने 20 खिलाड़ियों के अनुबंध में उन्हें शामिल नहीं किया है. ये सालाना बेसिस पर होता है. आपको बता दें कि एशेज़ सीरीज़ के पाँचवे टेस्ट में उस्मान को टीम से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें भारत और दक्षिण अफ्रीका दौरे पर एकदिवसीय मैचों की सीरीज़ में भी शामिल नहीं किया गया.

उस्मान ख़्वाजा ने एक चैनल से बातचीत में कहा,”अभी मेरे पास टीम को देने के लिए बहुत कुछ है और मैं अभी संन्यास के बारे में नहीं सोच रहा हूं। उम्र मेरे लिए सिर्फ एक नंबर है और यदि आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हो तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप 37 साल के हो या 38 साल के। मुझे कोई अंहकार नहीं है लेकिन मैं अभी भी देश के टॉप 6 बल्लेबाजों में शामिल हूं।”

जानकार मानते हैं कि इन दिनों उस्मान को फ़िटनेस की समस्या है और साथ ही वो स्पिन गेंदबाज़ी खेलने में परेशान हो रहे हैं. उस्मान अपने करीयर में कई बड़ी पारी खेल चुके हैं लेकिन उनके खेल में निरंतरता का अभाव देखा गया है. साल 2018 में जब स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को बॉल टेम्परिंग की वजह से निलंबित किया गया, उसके बाद उस्मान की वापसी हुई. हालाँकि उस्मान इस बात को नहीं मानते कि उन्हें स्पिन खेलने में परेशानी होती है.

वो कहते हैं,”मैं स्पिन गेंदबाजों को अच्छी तरह से खेलता हूं, वैसे सबसे महत्वपूर्ण बात रन बनाना है।” इस पूरे मामले पर ऑस्ट्रेलिया के एक सिलेक्टर ट्रेवर होन्स ने कहा है कि उस्मान को लिस्ट से बाहर रखना मुश्किल था और ये दुर्भाग्यपूर्ण रहा. हालाँकि ये भी बात आ रही है कि उनका शैफील्ड शील्ड में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा इसलिए उनका टेस्ट में चयन नहीं बनता है.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर ट्रेवर होंस ने कहा, उस्मान ख्वाजा को अनुबंधित खिलाड़ियों की लिस्ट से बाहर रखना बहुत कठिन था और यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा। यदि शैफील्ड शील्ड के प्रदर्शन को देखा जाए तो उनका टेस्ट टीम में चयन नहीं बनता है। डेविड वॉर्नर, एरोन फिंच, स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशाने की वजह से हमारी बल्लेबाजी पंक्ति बहुत मजबूत है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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