कोर्ट के फ़ैसले से पहले राजस्थान में सियासी खेल, भाजपा को भी अपने विधायकों..

August 8, 2020 by No Comments

उदयपुर/जयपुर: अब तक तो हम लोग यही सुनते आ रहे थे कि कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर किसी और राज्य में जा रही है, अपने विधायकों को बचाने की कोशिश कर रही है. यही बात कर्णाटक में सुनी, यही गुजरात में और फिर यही मध्य प्रदेश में भी सुना लेकिन अब मामला कुछ अलग दिख रहा है. राजस्थान में कुछ ऐसा नज़र आ रहा है जो पहले नहीं था. राजस्थान के सियासी गलियारों से जो बातें सुनने को मिल रही हैं वो भाजपा को बैक-फुट पर दिखा रही हैं.

राजस्थान में जहाँ एक तरफ़ भाजपा दावा कर रही है कि उसके विधायक एकजुट हैं वहीँ दूसरी ओर वो अपने विधायकों की तोड़फोड़ न हो इसके लिए चिंतित भी है. ख़बर है कि भाजपा ने अपने विधायकों की तोड़फोड़ को रोकने के लिए बाड़ेबंदी (Imposition) शुरू कर दी है. भाजपा के विधायक कांग्रेस का दामन न थाम लें इसलिए भाजपा नेतृत्व कुछ विधायकों को अहमदाबाद भेज रहा है. गुजरात सीमा से जुड़े पांच जिले के 12 विधायकों को बीजेपी ने अहमदाबाद (Ahmedabad) भेज दिया है.

इन सभी विधायकों को अहमदाबाद में एक होटल में रखा गया है. उल्लेखनीय है कि गुजरात में भाजपा की सरकार है. इस ख़बर के बाद से ही भाजपा नेता सफ़ाई देते फिर रहे हैं कि ये ख़बर सही नहीं है लेकिन भाजपा नेताओं के चेहरे पर शिकन साफ दिख रही है.भाजपा नेताओं को शक है कि उसके कुछ विधायक गहलोत गुट के संपर्क में आ गए हैं. भाजपा को डर है कि 11 अगस्त को अगर हाईकोर्ट बीएसपी विधायकों के कांग्रेस में विलय पर स्टे लगा देता है तो फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार बचाने के लिए बीजेपी में तोड़फोड़ कर सकते हैं.

बीजेपी के डर की दूसरी वजह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नाराजगी भी है. दरअसल, वसुंधरा राजे की वजह से उनके समर्थक विधायकों को अपने पाले में लाने की सीएम गहलोत ने तथाकथित रूप से कोशिश की है.बता दें कि राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है. सीएम गहलोत विश्वास प्रस्ताव पेश कर सकते हैं. यही वजह है कि बीजेपी पहले से सतर्क हो गई है. जहाँ भाजपा विश्वास मत से अभी बच रही है वहीँ कांग्रेस वोटिंग करा कर मामला ख़त्म करना चाहती है. (इनपुट- rashifalguru.com से भी)

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