कोरोनिल ने फिर बढ़ाई बाबा रामदेव की मुसी’बत, मद्रास हाई कोर्ट ने..

August 7, 2020 by No Comments

मद्रास: पिछले काफी समय से बाब रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद सुर्खि’यों में बनी हुई है। कभी कंपनी प्रोडक्ट्स को लेकर खबरें में छाई रहती है तो कभी किसी और वि’वा’द के कार’ण चर्चा का विषय बन जाती है। वहीं हाल ही में पतंजलि कोरो’ना के इलाज के लिए बनाई दावा की वजह से खबरों में थीं। दरअसल, बीते समय पतंजलि ने दावा किया था कि उसने कोरो’ना वाय’रस से निप’टने के लिए ‘कॉरोनिल’ नाम की दवा बना ली है। जिसके बाद से ही पतंजलि वि’वा’दों में आ गई, यहां तक कि यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया था।

इस मामले पर मद्रास हाई कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने पतंजलि की तरफ से कोरो’निल ब्रांड का उपयोग किए जाने के लिए 10 लाख रुपए का जुर्मा’ना लगाया है। साथ ही कोर्ट ने कोरो’निल शब्द का भी इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। बता दें कि बाबाराम देव ने बिना सरकार की परमिशन लिए कोरो’निल का इस्तेमाल किया था और दावा किया था कि इससे कोरो’ना के म’रीज ठीक हो रहे हैं। जिसके कार’ण चैन्नई की एक कंपनी Ardura इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट में याचिका दायर कर पतंजलि पर मुकदमा दर्ज करा दिया।

वहीं अब इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पतंजलि पर दस लाख का जुर्मा’ना लगाया है और कहा है कि पतंजलि को अपने उत्पा’द बेचने से पहले ट्रेडमार्क्स रजिस्ट्री में जाकर देखना चाहिए कि यह ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड है या नहीं। जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने इस संबंध में कहा कि “बचाव पक्ष (पतंजलि) ने खुद इस कानूनी प्रक्रिया को मोल लेने का काम किया है। वह आसानी से चेक कर सकती थी कि को’रोनिल एक रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क है।”

कोर्ट ने कहा कि पतंजलि को यह समझना चाहिए कि व्यापार में कोई समानता जैसी चीज नहीं होती। यहां तक कि कोर्ट ने यह भी कहा कि लोगों में कोरो’ना वाय’रस के संक्र’मण के डर का पतंजलि फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। कोर्ट ने कहा कि “आम लोगों में डर का फायदा उठाते हुए पतंजलि कोरो’ना वाय’रस की दवा की बात कर रही है। पतंजलि की ओर से बेची जा रही कोरो’निल दवा सिर्फ खांसी, सर्दी और बुखा’र के लिए कारगर है। ऐसे में इस मुश्किल समय में गुमनाम होकर काम करने वाले संगठनों को पतंजलि की ओर से जुर्माना दिया जाना चाहिए।”

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