कोरोना को लेकर अब आयी अच्छी ख़बर, 28 दिन में होगा..

July 7, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: कोरोना वायरस तेज़ी से दुनिया भर में फैल रहा है. दुनिया के कई हिस्सों में इसकी दवाई खोजने का काम चल रहा है लेकिन अभी तक इस मामले में जो भी कामयाबी मिली है वो अंतिम स्टेज तक नहीं पहुँचाती. अब एक अच्छी ख़बर ज़रूर आ रही है, इस ख़बर के मुताबिक़ कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए वैक्सीन का निर्माण अब ह्यूमन ट्रायल तक पहुँच गया है.

इस वैक्सीन (Vaccine) को फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) तैयार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक अगर सबकुछ ठीक रहा तो कोवैक्सीन (COVAXIN) बहुत जल्द बाजार में आ जाएगी. वैक्सीन के ट्रायल के लिए देश के 12 संस्थानों को चुना गया है, जिसमें से एक पटना एम्स है. वैक्सीन का ट्रायल तीन फेज़ में होगा. पहले फेज में सुरक्षा के साथ कम लोगों पर ट्रायल किया जाएगा. सफलता मिलने पर दूसरे और तीसरे स्टेज में पटना एम्स के डॉक्टर और वैक्सीन बनाने वाली कंपनी के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और वैज्ञानिकों की टीम के नेतृत्व में ट्रायल होगा.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ ये ह्यूमन ट्रायल तीन चरणों में होगा. इन तीनों फेज के लिए 375 लोगों पर ट्रेस्ट किया जाएगा. पहले फेज़ में आज से 125 लोगों पर कोवैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा. सभी को वैक्सीन की दो डोज़ दी जाएगी. पहली डोज आज दिए जाने के बाद दूसरी डोज 14 दिन के बाद दी जाएगी. इसके बाद इन सभी लोगों की जांच की जाएगी. अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. वैक्सीन को फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक के मुताबिक़, आज अगर किसी को वैक्सीन लगाई जाती है तो उसे इस वैक्सीन की दूसरी डोज़ 14 दिन के बाद ही दी जाएगी.

इसका अर्थ है कि सब कुछ ठीक रहा तो पहले चरण के पूरा होने में कुल 28 दिन का समय लगेगा. ICMR ने फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक की ओर से तैयार की गई, कोवैक्सीन के ट्रायल के लिए 12 संस्थानों को चुना है. इसमें दिल्ली और पटना के एम्स भी शामिल हैं. ICMR ने कहा है कि बड़े स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में वैक्सीन को जल्द लॉन्च करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए किसी के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही नहीं बरती जा सकती है. भारत बायोटेक और गुजरात की कंपनी जाइडस कैडिला की और से तैयार की गई वैक्सीन को सबसे पहले जानवरों पर टेस्ट किया गया था. चूहों और ख़रगोश पर किया गया टेस्ट कामयाब रहा, जिसके बाद आईसीएमआर से इस वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की मंज़ूरी ली गई.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *