कोरो’ना वाय’रस महा’मारी के बीच शुरू हुए “तेल यु’द्ध” के ख़ा’त्मे को लेकर समझौता हो गया है. रूस और सऊदी अरब के बीच चले तेल के मूल्य यु’द्ध में अमरीका की कम्पनियों को बड़ा नुक़सान पहुँचा था. अमरीका के अलावा अल्जीरिया जैसे देशों की अर्थव्यवस्था भी इन देशों द्वारा ज़्यादा पैदावार कर देने की वजह से लगभग तहस नहस सी हो गई है.

अमरीका और कई देश चाहते थे कि ये “तेल यु’द्ध” जल्द से जल्द स’माप्त हो और अब उसको लेकर के एक समझौता होने की ख़बर है.इस मुद्दे पर कल एक अहम् बैठक हुई जिसके बाद कुवैत के तेल मंत्री खालिद अल-फदेल ने रविवार को ट्विटर पर कहा, ‘हम उत्पादन में क’टौती करने पर सहमति बनने की घोषणा करते हैं। ओपेक तथा अन्य उत्पादक देश एक मई से रोजाना उत्पादन में एक करोड़ बैरल की क’टौती करेंगे।’

ख़बर है कि OPEC और दूसरे तेल उत्पादक देश प्रतिदिन 9.7 मिलियन बैरल उत्पादन कम करने पर सहमत हुए हैं. इसका मकसद तेल की कीमतों को बढ़ाना है. इस घोषणा से अमरीका की तेल कम्पनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. अमरीका और सऊदी अरब में इस वजह से काफ़ी विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी.

उल्रूलेखनीय है कि सऊदी अरब के विवाद तथा कोरोना वाय’रस महामा’री के कारण गिरी मांग से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 30 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गई हैं. अमरीकी राष्ट्रपति ने इस बैठक में हुए अहम् फ़ैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘ओपेक प्लस के साथ अहम तेल समझौता हुआ है। इससे अमेरिका में ऊर्जा क्षेत्र की लाखों नौकरियां बच जाएंगी।’
https://twitter.com/realDonaldTrump/status/1249422044564992001
ट्रंप ने रूस और सऊदी अरब का शुक्रिया अदा किया है. उन्होंने लिखा,”मैं रूस के राष्ट्रपति पुतिन और सऊदी के किंग सलमान का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैंने अभी ओवल ऑफिस से उनसे बात की है। सभी के लिए ग्रेट डील।” इस समझौते के बाद ऐसी उम्मीद है कि तेल बाज़ार में अब स्थिरता आएगी.

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