सोल: दक्षिण कोरिया में हाल ही में संसदीय चुना’व हुए थे जिनमें सत्तारूढ़ पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है. ये चु’नाव ऐसे समय पर हुए थे जबकि देश पर कोरो’ना वायरस का संकट आया हुआ था. COVID-19 नाम से जाने जाने वाली वैश्विक महामारी के दौरान हुई वोटिंग में भी लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. मतदान का प्रतिशत ऐसा था कि पिछले तीन दशकों का रिकॉर्ड भी टूट गया.

निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सत्तारू’ढ़ पार्टी और उसके चु’नावी ब्लॉक के घटक दल ने मिलकर संसद की 300 सीटों में से 180 सीटें जीत ली हैं. इससे विपक्षी ख़ेमे को बड़ा झटका लगा है. रू’ढ़िवादी ख़ेमे को सियोल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में बड़ा झटका लगा. यहाँ उन्हें बड़ी हा’र का सामना करना पड़ा है. इस जीत ने राष्ट्रपति मून जेई-इन का क़द बढ़ा दिया है. अब उनके पास मौक़ा है कि वो अपनी घरेलु और वैश्विक नीति को आगे बढ़ाएँ.

इनमें अहम् है कि पड़ोसी उत्तर कोरिया के साथ संबंधों को पुनर्जीवित करने की कोशिश है. एक बात ये भी है कि इस वक़्त दक्षिण कोरिया एक बड़े संकट से गुज़र रहा है. जान की हानि तो को’रोना वायरस कर ही रहा है, साथ ही आर्थिक तौर पर जो नुक़सान कोरो’ना वायरस पहुँचा रहा है वो बड़ी चुनौतियाँ देगा. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ली हे-चान ने पार्टी की एक बैठक में कहा, ‘‘ हम भारी जिम्मेदारी महसूस करते हैं जिसने हमारी जीत के आनंद को दबा दिया है.’’ राष्ट्रीय चुना’व आयोग ने बताया कि बुधवार को मतदान 66.2 फीसदी दर्ज किया गया जो कि 1992 के 71.9 फीसदी मतदान से अब तक हुए मतदान का सबसे ज्यादा है.

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