भोपाल: कोरोना वायरस ने लोगों की ज़िन्दगी को तो बदल ही दिया है, साथ ही कई परम्पराओं का निर्वहन भी नहीं हो पा रहा है. अपने चहेते लोगों के मर जाने पर लोग उनके क़रीब जाने से डर रहे हैं. एक इसी तरह का मामला मध्य प्रदेश के भोपाल में देखने को मिल रहा है. यहाँ एक बुज़ुर्ग व्यक्ति की मौ’त को’रोना संक्र’मण की वजह से हो गई. इसके बाद जब प्रशासन ने पिता की ला’श बेटे को सौंपनी चाही तो बेटे ने इसे लेने से इनकार कर दिया.

बेटे को डर था कि वो भी संक्रमित हो सकता है और इसी वजह से उसने पिता की ला’श को नहीं लिया. प्रशासन की तरफ़ से कोशिश की गई कि बेटे के बात समझ आये और वो ला’श ले ले. प्रशासन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में वहाँ बने रहने की बात भी कह रहा था ताकि कोरोना से होने वाली मौ’त के लिए जो प्रोटोकॉल होता है वो फॉलो किया जा सके लेकिन लड़का संक्रमित होने से डर रहा था.

जब बात नहीं बनी तहसीलदार ने ही बुज़ुर्ग व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया. बेटा 50 मीटर दूर ख’ड़ा देखता ही रहा. ख़बर के मुताबिक़ शुजालपुर निवासी बुज़ुर्ग को कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनका इलाज भोपाल के एक अस्पताल में चल रहा था जहाँ उन्होंने अंतिम साँस ली. बेटे ने जब पिता का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया तो बैरागढ़ के तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल ने बुज़ुर्ग का अंतिम संस्कार किया.

ख़बर है कि मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण बाक़ी राज्यों की तुलना में तेज़ी से फैल रहा है. पिछले 24 घंटे में यहाँ 70 नए केस सामने आये हैं. इस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 4 लोगों की मौ’त भी हो गई है.राज्य में कोरोना मरीज़ों की संख्या बढ़कर 1552 तक पहुँच गई है जबकि इस संक्रमण ने मध्य प्रदेश के 80 लोगों की जान ले ली है.

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