कोरो’ना रोकने के लिए योगी सरकार का ब’ड़ा फ़ै’सला, 15 ज़िलों के ये क्षेत्र होंगे पूरी तरह सील..

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने को’रोना संक्रम’ण को कम्युनिटी स्प्रेड से रोकने के लिए बड़ा क़’दम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश के 15 ज़िलों के उन इलाक़ों को पूरी तरह से सील करने का आदे’श दिया है जहाँ को’रोना सं’क्रमण तेज़ी से फैल रहा है. ये वो इलाके हैं, जहां से ज्यादा कोरो’ना पॉजिटिव मरी’ज़ मिले हैं.उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्य सचिव आरके तिवारी द्वारा 15 जिलों के डीएम, एसएसपी और संबंधित मंडलायुक्तों को इस संबंध मं पत्र जारी कर दिया गया है.

पत्र में 15 जिलों के प्रभावित क्षेत्रों को सील करने के बारे में लिखा गया है. जानकारी के अनुसार बुधवार रात 12 बजे के बाद यह आ’देश लागू माना जाएगा. जिन जिलों को लेकर ये फैसला किया गया है, उनमें लखनऊ, आगरा और गाजियाबाद जैसे बड़े जिले भी शामिल हैं. अपर मुख्य सचिव गृह ने अवनीश अवस्थी ने बताया कि यूपी के 15 जिलों के हॉट स्पॉट इलाकों को पूरी तरह से सील किया जाएगा. इन इलाक़ों में किसी को भी बाहर निकलने की इजाज़त नहीं रहेगी.


उन्होंने इस बारे में कहा कि अब तक राज्य में 343 कोरोना वायरस से संक्र’मित लोग हैं. प्रदेश के उन सभी ज़िलों में जहां ६ या इससे अधिक संक्रमि’त लोग मिले हैं उनके क्षेत्रों में हॉटस्पॉट चिन्हित करने का काम किया गया है. इन 15 जिलों के चिन्हित किए गए, इन्हीं खास इलाकों को 15 अप्रैल तक सील किया जाएगा. आदे’श के अनुसार जिन ज़िलों के हॉट-स्पॉट इलाकों काे सील किया जाना है, उनमें लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी, शामली, मेरठ, बरेली, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, महाराजगंज, सीतापुर, सहारनपुर और बस्ती शामिल हैं.

इसके अतिरिक्त ये भी आ’देश दिया गया है कि क़र्ज़ वापसी के सिलसिले में कोई बैंक किसी प्रकार का नोटिस 31 मई तक किसी किसान को जारी नहीं करेगा. इसी के साथ यह भी आदे’श‌ दिया गया है कि 30 अप्रैल तक कोई भी बिना मास्क लगाए अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकेगा. मुख्य सचिव आरके तिवारी ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि इन 15 जिलों में कोविड-19 संक्र’मण का लोड ज्यादा है.

इन इलाक़ों में सभी लोगों को उनके घर पर ही जरूरी चीजें मुहैया करवाई जाएंगी. इसके अतिरिक्त ये भी जानकारी दी गई कि हर तरह के प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. अगर कोई ऑफिस या फैक्ट्री जा रहा है तो निजी वाहन की जगह गाड़ी पूल करके जाएं. उन्होंने बताया कि कम्युनिटी स्प्रेड न हो इसलिए ये निर्णय लिया गया है.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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