कोरो’ना सं’कट के बीच मध्य प्रदेश में फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच “जं’ग” तेज़

देश में जहां एक तरफ को’रोनावायरस का संक’ट मंडरा रहा है और पूरा देश इसके चलते लॉक डाउन हो गया है और सरकार के साथ मिलकर सभी तरीके से सहयोग करने में लगा हुआ है। वही दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में राजनीतिक मुद्दा उठ कर आया है। ज्ञात हो कि एक बार फिर से मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के सरकार बन गई है और उनके सत्ता में आते ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ महंगाई भत्ते की वृद्धि पर जुलाई तक रोक लगा दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में शिवराज सरकार की इस कार्यवाही पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा हमारी सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की माँग को पूरा करते हुए उनके हित में एक ऐतिहासिक फ़ैसला लिया था। हमने शासकीय सेवको व स्थाई कर्मियों के महंगाई भत्ते में 1 जुलाई 2019 से वृद्धि कर इसे छठवें वेतनमान में 164 प्रतिशत व सातवें वेतनमान में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ते की दर निर्धारित कर ,इसका नगद भुगतान मार्च 2020 के वेतन से किये जाने का निर्णय कर्मचारी हित में लिया था।

इसके साथ उन्होंने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका इस प्रकार का निर्णय लेना निश्चित ही उनकी अच्छी सोच का प्रदर्शन नहीं करता है।उन्होंने यह भी लिखा कि,”मै शिवराज सरकार से माँग करता हूँ कि वो तत्काल इस रोक को हटावे और कर्मचारियों के हित के हमारी सरकार द्वारा लिये गये इस फ़ैसले को अविलंब लागू करे अन्यथा कांग्रेस इस तानाशाही पूर्ण निर्णय का पुरज़ोर विरोध करेगी।”

वही मध्यप्रदेश के इंदौर में पिछले दो दिनों में 17 लोगों को कोरो’ना से संक्रमित पाया गया है। इसके बाद जिले में कुल मामले 44 हो गए हैं। इससे पहले इंदौर में 49 वर्षीय महिला के सोमवार रात दम तोड़ने के बाद राज्य में को’रोना वायरस संक्रमित मरीजों की मौ’त की तादाद बढ़कर पांच पर पहुंच गई है। इनमें से तीन अकेले इंदौर शहर के निवासी थे जिनमें से दो की मौ’त पिछले 24 घंटे में हुई।

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