मुंबई: लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस पार्टी में मंथन का दौर है. लोकसभा चुनाव में लेकिन हार के बाद भी कांग्रेस को लगता है कि लोकल चुनाव में उसे कामयाबी मिलेगी. कर्णाटक में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के बाद हुए लोकल चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया. अब कांग्रेस को लगता है की विधानसभा चुनावों में भी उसे कामयाबी मिलेगी. यही वजह है की कांग्रेस पार्टी ने इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं.

महाराष्ट्र में भी इस साल के अंत में चुनाव होने हैं. महाराष्ट्र में एक तरफ़ तो भाजपा और शिव सेना का गठबंधन है तो दूसरी और कांग्रेस और एनसीपी मिल कर चुनाव मैदान में उतरेंगी. महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम दौर में हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाक़ात की.


उन्होंने इस मीटिंग के बाद बताया की आने वाले विधानसभा छुनाव को लेकर बातचीत हुई. एनसीपी के साथ गठबंधन लगभग तय है और सीटों को लेकर बातचीत होनी है.उन्होंने बताया की वंचित बहुजन अघादी पार्टी से भी बातचीत चल रही है. अशोक चव्हाण के इस बयान से ऐसा समझा जा रहा है की कांग्रेस महाराष्ट्र में गठबंधन को लेकर अपनी ओर से सभी कोशिशें कर रही है.

महाराष्ट्र की वंचित बहुजन अघादी पार्टी का दलितों में अच्छा समर्थन है. अकोला और आस-पास के क्षेत्र में पार्टी का ठीक-ठाक जनाधार है. लोकसभा चुनाव में आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन से वंचित बहुजन अघादी का गठबंधन था. इस गठबंधन को एक सीट जीतने में कामयाबी मिली. AIMIM के इम्तियाज़ जलील ने औरंगाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीता.

ऐसी ख़बरें हैं की अब वंचित बहुजन अघादी पार्टी ने AIMIM से अलग होने का फ़ैसला कर लिया है. वंचित बहुजन अघादी पार्टी अब कांग्रेस और एनसीपी से नज़दीकी बढ़ा रही है. ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर ही विधानसभा चुनाव ल’ड़ेगी.

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