कांग्रेस ने शिवसेना के सामने रखी शर्त,’अगर कोई हल चाहिए तो पहले…’

मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है. भाजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बनायेंगे या शिवसेना किसी अन्य दल से गठबंधन करेगी ये अभी भी क्लियर नहीं है. शिवसेना लगातार भाजपा के ख़िलाफ़ बयान दे रही है लेकिन उसने अब तक अधिकारिक तौर पर गठबंधन तोड़ा नहीं है. शायद यही वजह है कि कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना पर उतना भरोसा नहीं कर पा रहे हैं.

शिवसेना और भाजपा आज किसी नतीजे पर पहुंचेंगे इसकी उम्मीद कल की जा रही थी लेकिन आज भी कोई नतीजा अब तक तो नहीं निकला है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने इसी बात को समझते हुए कहा कि शिवसेना और भाजपा 25 साल से एक साथ हैं और वो फिर साथ ही रहेंगे. जब इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मौजूदा हालात इस कारण हैं क्यूँकि भाजपा ने अपने सहयोगी शिवसेना को कॉन्फिडेंस में नहीं लिया.

उन्होंने आगे कहा कि यही वजह है कि शिवसेना नाराज़ है और दोनों पार्टियों में तनाव है. चव्हाण ने कहा कि जब तक शिवसेना इस गठबंधन से बाहर नहीं आता, कोई सलूशन नहीं निकल सकता.इस मुद्दे पर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का भी बयान आया है. पवार ने आज सुबह शिवसेना सांसद संजय राउत से मुलाक़ात की थी.पवार ने शिवसेना से गठबंधन के विषय में बात करते हुए कहा कि मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता.उन्होंने आगे कहा कि मैंडेट भाजपा और शिवसेना के लिए है और उन्हें सरकार बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा रोल विपक्ष का है.

पवार ने ये भी कहा कि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन का सवाल कहाँ उठता है? वो 25 साल से साथ में हैं, आज नहीं तो कल, वे साथ आएँगे ही. उन्होंने राज्य में किसानों की समस्या की ओर सरकार का ध्यान दिलाने की कोशिश भी की.उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए.उन्होंने कहा कि एक विषय ये भी है कि बीमा कम्पनियां क्रॉप डैमेज के लिए किसानों को पेमेंट नहीं दे रहीं, इस मामले में वित्त मंत्रालय को देखना चाहिए.

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.