मुंबई: महाराष्ट्र में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुना’व होने हैं. ऐसे में राजनीतिक पार्टियाँ चुनावी तैयारियों में तो जुट रही हैं लेकिन वि’पक्षी दलों को EV-M पर भरो’सा नहीं है. इस वजह से महाराष्ट्र के अधिकतर विपक्षी दलों ने EV-M के विरोध में मार्च निकालने का फ़ैस’ला किया है. 21 अगस्त को होने वाली इस रै’ली में कांग्रेस, एनसीपी, मनसे समेत सभी ब’ड़े विपक्षी दल शामिल हो रहे हैं. शुक्रवार को इन दलों के नेता एक मंच पर नज़र आये. इन नेताओं ने कहा कि जनता का भरोसा EV-M पर नहीं है.

विपक्ष माँ’ग कर रहा है कि महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुना’व के लिए बै’लेट पेप’र का इस्तेमाल किया जाए. मन’से अध्य’क्ष राज ठाकरे इस समय कांग्रेस के साथ ख’ड़े नज़र आ रहे हैं. ठाकरे लम्बे समय से EV-M के ख़िलाफ़ अपना प’क्ष रखते रहे हैं. ठाकरे ने दावा किया कि ज़्यादातर वोटरों को ईवी’एम पर भरोसा नहीं है. राज ठाकरे ने ई’वीएम को लेकर बीजेपी-शिवसेना पर भी ह’मला बोला. अभी तक राज ठाकरे ने कांग्रेस-मनसे में गठबंध’न होगा, इस स’वाल पर कोई सीधा जवा’ब नहीं दिया है.

दूसरी ओर वि’पक्ष की एकजु’टता से भाजपा-शिवसेना सरकार ने भी ब’यान जारी किया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि हम वो’टरों के पास जाते हैं क्यूंकि हमें पता है कि वही हमें वोट करते हैं और हम जी’तते हैं..लेकिन विपक्ष को लगता है कि चुनाव EV-M के बेसिस पर जीते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि वो महाराष्ट्र में 21 तारीख़ को प्रो’टेस्ट कर रहे हैं.

उन्होंने सवाल किया कि सुप्रिया सुले की जी’त में EV-M क्यूँ नहीं गड़बड़ थी? इन्होने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में सरकार बना ली..वहाँ EV-M गड़ब’ड़ नहीं थी? 10 सालों तक, पंचायत से पार्लियामेंट तक इनकी सरकार थी लेकिन तब EV-M गड़ब’ड़ नहीं थी. फडनवीस भले ही अपने बयान में इस मु’द्दे को ग़ैर-ज़रूरी मान रहे हों लेकिन उनका बयान आना अपने आप में ये दर्शाता है कि विप’क्षी एकता से भाजपा सोचने पर मज’बूर है.

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