मध्य प्रदेश सियासी ड्रा’मे में नया मो’ड़, कांग्रेस नेता के इस क़दम ने सबको चौं’काया..

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के विधायक हरदीप सिंह डं’ग ने इस्ती’फा दे दिया है। सोशल मीडिया पर सिंह का पत्र खूब वाय’रल हो रहा है। पत्र में सिंह ने लिखा कि दूसरी बार लोगों का जनादेश मिलने के बावजूद पार्टी द्वारा उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने लिखा कि “न मैं कमलनाथ गुट का हूं, न दिग्विजय सिंह और न ही सिंधिया गुट का हूं। मैं सिर्फ कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं। इसलिए मुझे परे’शानियों का सामना करना पड़ रहा है।”इस्ती’फे के तुरंत बाद ही बीजेपी के नेताओं ने आधिकारिक आवास पर डंग से बातचीत की।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बीजेपी के दो विधायक नाराय’ण त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह और संजय पाठक ने डंग से मुलाक़ात की। भारतीय जनता पार्टी के मैहर सीट से विधायक नाराय’ण त्रिपाठी कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह के साथ कमलनाथ के घर पहुंचे। उसके बाद तकरीबन एक बजे तक उन लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष से बात की। हालांकि इस्ती’फा देने पर हरदीप सिंह के इनकार करने पर भी माना जा रहा है कि उन्होंने इस्ती’फा दे दिया है।

Congress leader Hardeep Singh

दूसरी तरफ कांग्रेस के दो विधायक पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह और रघुराज कनसाना और एक नि’र्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने चु’प्पी बनाए रखी है । साथ ही यह तीनों विधायक पिछले कुछ दिनों से गायब भी हैं। जिसपर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी नेता गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली पहुंचे और उन्होंने पार्टी के रा’ष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोम’र के साथ बैठक की। लेकिन हरदीप सिंह के इस्ती’फे के बाद मध्य प्रदेश के सियासी ड्रा’मे ने नया दिलचस्प मो’ड़ लिया।

साथ ही कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह ने अपना इस्ती’फा विधानसभा सचिवालय और मुख्यमंत्री को सौंप दिया है। दरअसल कांग्रेस ने बीजेपी पर इन विधायकों को अग’वा करके बं’धक बनने का आरो’प लगाया था। जिसे अब खा’रिज कर दिया गया है। कहा जा रहा था कि कमलनाथ सरकार को अस्‍थिर करने के लिए कांग्रेस के चार सहित 8 विधायकों को लेकर बीजेपी गुरुग्राम के एक होटल में ले गई है। जिसके बाद से कांग्रेस के विधायक ला’पता है।

इससे पहले भी कांग्रेस के वरि’ष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरो’प लगाया था कि बीजेपी राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए उनकी पार्टी के विधायकों को रि’श्वत देने की कोशिश कर रही है। बता दें कि 230 सदस्यों वाली विधानसभा में फिलहाल दो सदस्यों के नि’धन से संख्या 228 है। इसमें कांग्रेस को दो बसपा, एक सपा और चार नि’र्दलीय विधायकों  का समर्थन हासिल है, लेकिन एक निर्दलीय भी गा’यब है। कांग्रेस के पास मध्यप्रदेश विधानसभा में अब 113 विधायक बचे हैं। वहीं, बीजेपी के पास 107 एमएलए हैं।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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