CM उद्धव ठाकरे ने RSS को दिया झ’टका, भाजपा सरकार के फ़ैसले को किया रद्द और…

महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव में एक गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ीं पार्टियां भाजपा और शिवसेना सिक्के के दो पहलू समझे जाते थे, जो कट्टर हिंदूवादी विचारधारा से प्रेरित माने जाते थे। लेकिन, समय और राजनीति के खेल निराले हैं। गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ी पार्टियों का मुख्यमंत्री पद के लिए हुआ विवाद गठबंधन के टूटने पर समाप्त हुआ। और फिर एक ऐसे गठबंधन की सरकार बनी जो अकल्पनीय थी।

अब गठबंधन के साथी रहे बीजेपी की सरकार द्वारा अंतिम दिनों में लिए गए फ़ैसलों पर चर्चा करते हुए महाराष्ट्र की महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार ने आरएसएस से संबंधित नागपुर के शोध संस्थान को स्टांप शुल्क से छूट देने का बीजेपी सरकार के फ़ैसले को रद्द कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा भारतीय शिक्षा मंडल के नागपुर स्थित पुनरुत्थान शोध संस्थान ने करोल तहसील में बड़े पैमाने पर ज़मीन ख़रीदी है। जिसे पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छूट दे दी थी।

अधिकारी की जानकारी देते हुए कहा कि, ‘105 हेक्टेयर ज़मीन की ख़रीद के लिए 1.5 करोड़ रुपए के स्टांप शुल्क पर दी गई छूट को अब रद्द कर दिया गया है। संस्थान को अब स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा। बता दें कि पूर्व की बीजेपी सरकार द्वारा अंतिम दिनों में लिए गए सभी निर्णयों की महाराष्ट्र विकास अघाड़ी पार्टी की सरकार द्वारा समीक्षा की जा रही है। इसके साथ-साथ लिए गए सभी निर्णयों पर चर्चा भी की जा रही है। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार ने कई अहम फ़ैसले ले लिए हैं जैसे आरे जंगल को कथित रूप से नुक़सान करके बन रहे मेट्रो कार शेड को भी फ़िलहाल रोक दिया गया है.

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