देहरादून: उत्तराखंड की स’त्ता में कुछ दिनों पहले आचानक परिवर्तन हो गया। राज्य की सत्ता त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों से नि’कलकर तीरथ सिंह रावत के हाथों में आ गई। सत्ता प्राप्ति के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए लिए गए फैसले को बदलते जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को सीएम तीरथ सिंह रावत कैबिनेट ने अहम फै’सला लेते हुए गैरसैण को कमिश्नरी बनाए जाने का पिछली सरकार का फैसला वापस ले लिया.

इस नि’र्णय को तीरथ सिंह रावत सरकार का ज़रूरी निर्णय माना जा रहा है। और अब, गैरसैण उत्तराखंड की तीसरी कमिश्नरी नहीं बन सकेगी और राज्य में कुमाऊं और गढ़वाल कमिश्नरी की ही व्यवस्था होगी. शुक्रवार को तीरथ सिंह रावत कैबिनेट की बै’ठक पर सभी की न’जरें लगी हुई थीं. कैबिनेट ने कई फैसले किए. इसमें गैरसैण को कमिश्नरी बनाए जाने का पिछली त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार का फैसला बदल दिया गया.

सरकार के इस निर्णय के तहत अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले को मिलाकर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में गैरसैंण सत्र के दौरान गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने का फैसला लिया था. तीसरी कमिश्नरी बनाने के फैसले का अल्मोड़ा से लेकर रुद्रप्रयाग तक जमकर विरोध हुआ. और इसी फैसले के चलते त्रिवेंद्र सिंह के हाथ से राज्य की सत्ता चली गई। तीरथ सिंह रावत कैबिनेट की बैठक में कोरोना को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बता दे कि सत्ता प्राप्ति के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए लिए गए फैसले को बदलते जा रहे हैं।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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