बॉलीवुड, बंगला फिल्मों के दिग्गज अभिनेता व बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती द्वारा विधानसभा चुनावों के दौरान बड़बोलेपन में की गयी अम’र्यादित अलोकतांत्रिक बयानबाजी के कारण पु’लिस की जाल में फं’सते हुए नज़र आ रहे हैं। कोलकाता पु’लिस ने आज उनके ख़िलाफ़ वर्चुअली जांच शुरू कर दी है।

टीएमसी छोड़कर विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी का दामन थामने वाले 71 वर्षीय अभिनेता दिन इन दिनों बेहद खराब चल रहे हैं। पहले वो न तो बीजेपी को बंगाल में सत्ता का स्वाद चखवा पाए और अब एक नई मुसी’बत गले पड़ गयी है। उनपर बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान भ’ड़का’ऊ भाषण देने का आ’रोप है।

जिसको लेकर महानगर के मनिकतल्ला थाने में उनके खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थीहै कि उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भ’ड़’काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए महानगर के मानिकतल्ला थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दावा किया गया है कि सात मार्च को भाजपा में शामिल होने के बाद आयोजित रैली में चक्रवर्ती ने ‘‘मारबो एकहने लाश पोरबे शोशाने’ (तुम्हे मारूंगा तो लाश शमशान में गिरेगी) और ‘ एक छोबोले चाबी’ (सांप के एक दंश से तुम तस्वीर में कैद हो जाओगे) संवाद बोले, जिसकी वजह से राज्य में चुनाव के बाद भारी हिंसा हुई।

अपने ऊपर हुई एफआईआर को रद्द करवाने के लिए मिथुन ने चुनवों के एक माह बाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई में न्यायालय ने मिथुन को निर्देश दिया कि वो अपना ई- मेल पता पुलि’स को नोट करवाएं ताकि कथित तौर पर हुई हिंसा की जांच के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जांच में शामिल हो सकें। कोर्ट ने जांच अधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि मिथुन चक्रवर्ती को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए तर्कसंगत समय दें।

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