कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चु’नाव के बीच कोरोना सं’क्रमण का ख’तरा बढ़ता ही जा रहा है। सभी राजनीतिक दल चुनावी रैलियों के ज़रिए जनता को लु’भाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इन रैलियों में कोरोना संक्रमण के दिशा निर्देशों की ध’ज्जियां उड़ती हई नज़र आ रही है। बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ईस्ट वर्धमान के मंगलकोट में रैली करते दिखे तो वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पहली बार राज्य में चुनावी रैली की। लेकिन किसी भी रैली में कोविड प्रोटो’कॉल का पालन करते लोग नहीं दिखे।

कोलकाता हाईकोर्ट ने सभी जिलों के डीएम को साफ तौर पर कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल टू’टने पर सख्त कार्य’वाई की जाए। बता दें कि कोर्ट ने ये आदेश ऐसे समय में दिया जब चुनाव आयोग पूरी तरह से फे’ल हो गया। चुनाव आयोग की नज़रों के सामने ही रैलियों में कोरोना गाइडलाइंस की ध’ज्जियां उड़ी लेकिन आयोग फेल हो गया। वहीं दूसरी तरफ, कोर्ट का आदेश आने के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं दिखा।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि “ECI और बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर ने कोरोना को लेकर गाइडलाइन जारी की हैं। इन्हें सख्ती से लागू करना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि जो भी इन्हें मानने से इनकार करे या जो इनकी अनुपालना न कराता दिखे, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। फैसले में यह कहा गया कि कुछ लोगों की लापरवाही की वजह से सारे समाज को खतरे में नहीं डाल सकते। यह बेहद खतरनाक हो सकता है”।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

Leave a Reply

Your email address will not be published.