चुनाव से पहले NDA के सामने बड़ी मुसीबत, भाजपा नेताओं के ही उलटे बोल..

September 7, 2020 by No Comments

पटना. बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज़ है. देखा जाए तो बिहार में मुख्यतः से दो गठबंधन लड़ाई में हैं, सत्ताधारी NDA और विपक्ष का UPA. दोनों ही गठबंधन में फूट पड़ने का सिलसिला भी जारी है तो साथ ही नए दल भी गठबंधन में जुड़ रहे हैं. असल में सारी खींचतान है सीटों के बँटवारे को लेकर, सीट बँटवारे की वजह से ही समस्याएं खड़ी हो रही हैं. जीतन राम मांझी राजद और कांग्रेस से सीटों की माँग जो कर रहे थे उसे राजद और कांग्रेस जायज़ नहीं मानते हैं.

मांझी ने इसीलिए जदयू के नेतृत्व में NDA में जाने का फ़ैसला किया. वहीँ दूसरी तरफ़ लोकजनशक्ति पार्टी जो लम्बे समय से भाजपा के साथ है, अब वापिस सेक्युलर गठबंधन की ओर देख रही है. लोजपा के बारे में कहा जा रहा है कि वो जल्द ही भाजपा और जदयू के गठबंधन को अलविदा कह देगी. लोजपा ने अपने हालिया विज्ञापन में भी नीतीश सरकार पर निशाना साधा. मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए इस विज्ञापन में लिखा गया था,”हम बिहार के गौरव के लिए लड़ रहे हैं, जबकि वो हम पर शासन करने के लिए लड़ रहे हैं.”

इसके अलावा नीतीश कुमार और भाजपा में भी सब कुछ ठीक नहीं है. भाजपा के कई नेताओं को लगता है कि उनकी पार्टी अकेले दम पर सरकार बना सकती है. हाल ही में केन्द्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा,”बिहार में भाजपा अपने दम पर सरकार बना सकती है. इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए. हमारी पार्टी और हमारे नेता नरेंद्र मोदी का समर्थन आधार बिहार में ठोस है. लेकिन हम 1996 में बने जेडी (यू) के साथ अपने गठबंधन का सम्मान करते हैं. हम गठबंधन को तोड़ने नहीं जा रहे हैं.”

जो भी बयानबाज़ी NDA गठबंधन में हो रही है वो आगे चलकर घातक भी हो सकती है. भाजपा ने यूँ तो एलान किया है कि वो बिहार चुनाव नीतीश के नेतृत्व में लड़ेगी. इस बात से भाजपा के सभी नेता ख़ुश नहीं हैं लेकिन उन्हें लगता है कि उनकी पार्टी अभी इस मुद्दे पर बड़ा फ़ैसला लेने की स्थिति में नहीं है.

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