नेताओं के बारे में पूरी दुनिया में ये मशहूर है कि ये चुनाव जीतने के लिए हर तरह का पैंतरा इस्तेमाल कर लेते हैं. हमने हाल ही में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में देखा कि कैसे पार्टियाँ चुनाव जीतने के लिए बड़े बड़े दावे कर रही थीं, कुछ इसी तरह का हाल विदेशों में भी है. इजराइल में आम चुनाव होने वाले हैं. ये चुनाव पिछले एक साल में तीसरे आम चुनाव होंगे. इसका कारण ये है कि पिछले दो चुनावों में किसी को भी मेजोरिटी नहीं मिल सकी.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू अपनी सत्ता बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. जानकार मानते हैं कि यदि वो हारे तो उनकी राजनीति तो ख़त्म ही होगी वो भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भी जा सकते हैं यही वजह है कि वो इस चुनाव में एड़ीचोटी का ज़ोर लगा रहे हैं. यूँ तो नेतान्याहू को फ़िलिस्तीन और अरब विरोधी माना जाता है लेकिन आजकल वो उन्हें रिझाने की कोशिश में हैं.

ख़बर है कि नेतान्याहू ने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट लिखी जो कुछ ही देर में हटा ली गई. इस पोस्ट में उन्होंने कहा था कि वो तेल अवीव और मक्का के बीच में सीधी फ्लाइट शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि मुस्लिम नागरिकों को हज करने की सुविधा हो. ये पोस्ट अरबी और हिब्रू दोनों भाषाओं में लिखी थी.जानकार मानते हैं कि इस पोस्ट के ज़रिए नेतान्याहू अरब मतदाताओं का वोट हासिल करना चाहते हैं.आपको बता दें कि इजराइल में 80 लाख लोग रहते हैं.

इन 80 लाख लोगों में तक़रीबन 20 प्रतिशत अरब हैं जिनमें मुस्लिम, ईसाई और दृज़े शामिल हैं. २ मार्च को होने वाले चुनाव में बेंजामिन नेतान्याहू की लिकुद पार्टी का मुक़ाबला ब्लू एंड वाइट पार्टी से होगा. ब्लू एंड वाइट पार्टी के नेता बैनी गैन्त्ज़ हैं.इस चुनाव को नेतान्याहू के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यही वजह है कि वो अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं.

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