मुंबई: महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव की सुगबुगाहट के बीच भाजपा में नारा’ज़गी देखने को मिल रही है. भाजपा नेता एकनाथ खडसे चुनाव में उनको नज़रअंदाज़ किये जाने से नाराज़ हैं. कहा जा रहा है कि 21 मई को होने वाले चुनाव को लेकर खडसे उम्मीद कर रहे थे कि उनके नाम पर विचार किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया. उन्होंने इस सिलसिले में कहा कि कुछ नेताओं की साज़िश की वजह से ऐसा हुआ.

उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल पर निशाना साधा. आपको बता दें कि भाजपा 2016 से ही खडसे से दूरी बना रही है. उन्होंने तब उस वक़्त के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे. महाराष्ट्र विधानसभा के लिए अक्टूबर 2019 में हुए चुनाव में भी पार्टी ने खडसे को उनके गृहजिला जलगांव के मुक्तियानगर से टिकट देने से इनकार कर दिया था.

पार्टी ने लेकिन उनकी बेटी को टिकट दिया था मगर उन्हें शिवसेना के बाग़ी से हार मिली थी. खडसे के क़रीबी मानते हैं कि वो अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी 21 मई को विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में उन्हें प्रत्याशी बनाएगी. इस चुनाव में बीजेपी ने चार प्रत्याशी उतारे हैं. इसके अलावा भी भाजपा ने कुछ वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं दिया है.

भाजपा ने खडसे के अलावा पंकजा मुंडे, विनोद तावड़े, और चंद्रशेखर बवानकुले को भी टिकट नहीं दिया है. इन्हें पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विरोधी माना जाता है. खडसे ने कहा, ‘यह प्रदेश के चार-पांच नेताओं द्वारा मेरे जैसे लोगों के खिलाफ साजिश है जिसने अपने 40 साल पार्टी को दिए हैं. वे केंद्रीय नेतृत्व को भ्रमित कर रहे हैं.’

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