चिराग पासवान की भाजपा नेता से मीटिंग, गुजरात में हुई इस मुलाक़ात के पीछे…

अहमदाबाद: लोक जनशक्ति पार्टी(लोजपा) में जारी अं’तर्कलह रुकने का नाम नही ले रही है। गौरतलब है कि पशुपतिनाथ पारस के नेतृत्व में लोजपा के 5 सांसद चिराग पासवान से वि’द्रोह करके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर क’ब्ज़ा कर लिया है तथा चिराग को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। रामविलास पासवान की मृ’त्यु के बाद पार्टी पर कब्जे को लेकर परिवार के अंदर ही घ’मासान मच गया।

विधानसभा चुनावों में लोजपा के लचर प्रदर्शन ने चिराग पासवान के खि’लाफ उपजी वि’द्रोह की आ’ग को और तेज़ कर दिया। सियासी जगत में अकेले पड़े नरेंद्र मोदी के हनुमान को इस अ’धर में सभी ने किनारा का’ट लिया है। लोजपा में मचे इस ब’वंडर के पीछे नीतीश कुमार का हाथ बताते हुए चिराग यह आरोप लगाते हैं कि लोजपा को तोड़ने की कोशिश नीतीश कुमार बहुत पहले से कर रहे हैं।

वहीं इस भवँर में फं’से चिराग को बचाने के लिए तेजस्वी यादव ने भी हाथ बढ़ाया है। लोजपा में जारी इस गहमागहमी के बीच चिराग पासवान 29 जून को अहमदाबाद पहुंच गए। उनके इस तरह अचानक अहमदाबाद पहुंचने से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक चिराग पासवान अहमदाबाद में किसी एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी नेता से मुलाक़ात की है।

ऐसे में इस मुलाकात से अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि चिराग पासवान बीजेपी का दामन थाम कर एक नई सियासी पारी शुरू कर सकते हैं। पटना की सड़कों पर लगे पोस्टर भी बिहार में एक नई इबादत लिखे जाने की कहानी बयां कर रहे हैं। पोस्टर में चिराग पासवान को हनुमान बताया गया है तो दूसरी तरह लिखा गया है कि मोदी हैं तो मुमकिन हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि लोजपा में जारी उठापटक के बीच आखिर ऊंट किस करवट बैठता है।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.