‘चार्ली हेब्दो’ जैसे पब्लिकेशन की रूस में कोई जगह नहीं,’हम मुस्लिम देश भी हैं..’

October 30, 2020 by No Comments

मास्को: रूस ने साफ़ किया है कि चार्ली हेब्दो जैसे पब्लिकेशन को वो अपने देश में बर्दाश्त नहीं करेगा. इस सिलसिले में क्रेमलिन के तर्जुमान दमित्री पेस्कोव ने साफ़ कहा कि रूस में इस्लाम के बारे में इस तरह के उत्तेजक कार्टून पब्लिश होना संभव ही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के मीडिया का हमारे देश में होना असंभव है, मौजूदा क़ानून के ऐतबार से भी.

उन्होंने कहा कि रूस पार्टली मुस्लिम देश भी है, यहाँ 2 करोड़ के क़रीब मुसलमान रहते हैं और रूस एक ईसाई देश है और हम जहाँ रहते हैं वहाँ ईसाई ही नज़र आते हैं लेकिन यही हमारे देश की ख़ासियत है कि यहाँ अलग अलग धर्मों के लोग रहते हैं और सभी धर्म एक दूसरे की रेस्पेक्ट करते हैं. आपको बता दें कि विवादित फ़्रांसिसी मैगज़ीन चार्ली हेब्दो ने एक बार फिर इस्लाम के बारे में आपत्तिजनक कार्टून छापे थे जिसके बाद मुस्लिम समाज ने पूरी दुनिया में विरोध जताया.

फ़्रांसिसी सरकार के ‘इस्लाम-विरोधी’ रवैये की वजह से मुस्लिम देशों में फ़्रांसिसी सामान का बायकाट शुरू हो गया. इसके बाद फ़्रांसिसी सरकार इन देशों की सरकारों से अपील करने लगी. हालाँकि व्यवहार में फ़्रांसिसी सरकार का दक्षिण-पंथी रवैया नहीं बदला. जानकार मानते हैं कि फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों की पॉपुलैरिटी बुरी तरह गिर रही थी और जब वो आर्थिक नीतियों में भी पिछड़ते दिखे तो उन्होंने ‘इस्लामोफ़ोबिया’ की नीति को आगे बढ़ाया. ऐसा इसलिए ताकि उनके साथ फ़्रांसिसी दक्षिणपंथी आ जाएँ. मक्रों को उनके रवैये की वजह से मुस्लिम देशों से नाराज़गी झेलनी पड़ रही है वहीँ अब फ़्रांसिसी कंपनीज़ भी उन पर दबाव बना रही हैं कि वो समझदारी दिखाएँ.

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