CAA पर रो’क लगाने पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया ब’ड़ा ब’यान, ‘हम फ़ै’सला लेंगे लेकिन..’

नई दिल्ली. नागरिकता (संशोधन) क़ानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 140 से अधिक याचिकाएँ सुनवाई के लिए तैयार हैं. आज जब इसको लेकर सुनवाई हुई तो वकीलों ने बारी-बारी अपना पक्ष रखा. प्रधान न्यायधीश एसए बोबडे, जस्टिस अब्दुल नज़ीर, जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है कि वो इन याचिकाओं पर जवाब दे.

आपको बता दें कि आज की सुनवाई स’माप्त होने से पहले सर्वोच्च अदालत ने देश भर के अलग-अलग हाईकोर्ट में CAA के खिला’फ दा’खिल याचिकाओं पर कोई भी आदेश जारी करने पर रो’क लगा दी है. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा है कि केंद्र के जवाब के बाद पांच जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी कि इस पर स्टे लगाना है या नहीं. अब इस मसले को चार हफ्ते बाद सुना जाएगा. उसी दिन संवैधानिक बेंच बनाने पर भी फै’सला किया जाएगा.

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने माँग की कि नागरिकता क़ानून की प्रक्रिया को तीन महीने के लिए टा’ल दिया जाए. इस पर अदालत ने कहा कि एकतरफा रो’क नहीं लगाई जा सकती. अदालत ने कहा कि सभी याचिकाओं के सुन लेने के बाद ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा.आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल तमाम हाइकोर्ट में CAA के खि’लाफ दाखिल याचिका को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के अलग-अलग हाईकोर्ट में CAA के खिला’फ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई पर रो’क लगा दी है. अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में ही इस कानून के लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में CAA पर दायर याचिकाओं को अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया है. इसके तहत असम, नॉर्थईस्ट के मसले पर अलग सुनवाई की जाएगी. वहीं, उत्तर प्रदेश में जो CAA की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है उसको लेकर भी अलग से सुनवाई की जाएगी. अदालत ने सभी याचिकाओं की लिस्ट जोन के हिसाब से मांगी है, जो भी बाकी याचिकाएं हैं उनपर केंद्र को नोटिस जारी किया जाएगा.

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.