CAA को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता नारा’ज़?, UP पुलिस को लेकर दिया ये ब’यान..

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर जिस तरह से भाजपा शुरू में दावे करती थी, अब नहीं करती. गृह मंत्री अमित शाह बड़े विश्वास से कहते थे कि पहले CAB आएगा, फिर NRC आएगा. CAB संसद के दोनों सदनों में पास भी हो गया और CAA हो गया और बाद में इसको राष्ट्रपति की ‘औपचारिक’ सहमति भी मिल गई. संसद में CAB के पास होने के साथ साथ ही सड़कों पर इस क़ानून के ख़िलाफ़ लोगों का जुटना शुरू हो गया. केंद्र सरकार कुछ समझ पाती, इतने में ये प्रोटेस्ट बहुत बड़े हो गए.

गृह मंत्री अमित शाह को इस बात का बिलकुल अंदाज़ा नहीं था कि इस तरह का विरोध इस क़ानून के ख़िलाफ़ होगा. असल में इस क़ानून का विरोध दो बातों को लेकर हो रहा है, एक तो ये क़ानून धर्म के आधार पर नागरिकता देने की बात करता है और दूसरा जब ये NRC से जुड़ेगा तो ये क़ानून देश की आम जनता जिसमें अल्पसंख्यक, दलित, ग़रीब लोग शामिल हैं, को भारी नुक़सान पहुँचा सकता है. भाजपा के कई नेता दबी ज़बान में मानते हैं कि CAB को बेहतर तरह से लाया जा सकता था.

इन नेताओं का मानना है कि अगर नागरिकता संशोधन विधेयक में मुस्लिम समाज को भी शामिल कर लेते तो कोई नुक़सान नहीं था और अगर वहाँ मुस्लिम प्रताड़ित नहीं हो रहे तो आएँगे भी नहीं. पर ये इसलिए नहीं हो सका भाजपा के कई नेता समझ नहीं पा रहे हैं कि जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं था तो सरकार की ओर से इतना बड़ा मुद्दा उन्हें क्यों दिया गया। जहाँ भाजपा में ही NRC को लेकर confusion है वहीं कुछ नेता पुलिस कार्यवाई से ख़ुश नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस की आलोचना हो रही है कि उसने आंदोलन का बलपूर्वक दमन करने की कोशिश की। इसमें 24 के क़रीब लोगों की जान गई है जिसमें कम से कम एक आम नागरिक की मृत्यु पुलिस की गोली से हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार और उसके मंत्री भले इसे जस्टिफाई करने में लगे हैं लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी इस बात से बिल्कुल ख़ुश नहीं हैं। मेरठ में एक पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वो प्रदर्शन करने वालों को पाकिस्तान जाने के लिए कह रहे हैं।

इसको लेकर पुलिस बुरी तरह घिरी हुई है, राज्य सरकार ने उसे संरक्षण तो दिया हुआ है लेकिन इससे उसका पिण्ड छूट नहीं रहा है। मुख़्तार अब्बास नक़वी ने साफ़ कह दिया है कि अगर पुलिस कर्मी ने इस तरह का वाक्य इस्तेमाल किया है तो उस पर फ़ौरन कार्यवाई हो। नागरिकता संशोधन विधेयक और NRC को लेकर नक़वी पहले भी टीवी डिबेट में आ चुके हैं लेकिन वो ख़ुद इस विषय में पार्टी के पक्ष से confuse लग रहे हैं। भाजपा में अंदर ही अंदर दो मत चल रहे हैं, एक जो इसको समर्थन दे रहा है और एक जो विरोध में है लेकिन confusion दोनों जगह नज़र आता है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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