CAA के ख़िला’फ़ पोस्ट लिखने वाले छात्र अहमद रज़ा को KMC यूनिवर्सिटी ने कर दिया निष्का’सित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की ख़्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती अरबी-फ़ारसी यूनिवर्सिटी के छात्र अहमद रज़ा को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निष्कासित कर दिया है। इसका कारण प्रशासन ने ये बताया है कि वो 24 दिसंबर को CAA और NRC के ख़ि’लाफ़ प्रोटेस्ट करने जा रहे थे। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक आ’पत्ति’जनक पोस्ट लिखी थी।

इस सिलसिले में हमने उनसे बात की। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की आवाज़ को दबाना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जिस पोस्ट पर आ’पत्ति जता रहा है उसमें कुछ भी आप’त्तिजनक नहीं है। रज़ा का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन लम्बे समय से छात्रों के मुद्दों की अनदेखी करता रहा है और मैंने एक दो बार प्रशासन से इस सिलसिले में छात्रों का पक्ष रखने की कोशिश की थी.

उन्होंने कहा कि प्रशासन नहीं चाहता कि कोई भी छात्रों के हित की बात करे. अहमद रज़ा बताते हैं कि जिस पोस्ट को आ’पत्तिजनक बताया जा रहा है वो 17 दिसम्बर की है, उसमें आप’त्ति के लायक़ यूँ तो कुछ भी नहीं था बस ये कहा गया था कि 24 दिसम्बर को CAA के ख़िला’फ़ विरोध की बात की गई थी. रज़ा कहते हैं कि 19 दिसम्बर को जब लखनऊ में प्रोटेस्ट हुआ और उसमें हिं’सा की ख़बर आयी तो हमने इस प्रोटेस्ट को वापिस लेने का मन बना लिया था.

वो कहते हैं कि परन्तु फ़ेसबुक पर पड़ी पोस्ट हटाने के लिए नेट का होना ज़रूरी है. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कई शहरों में इन्टरनेट बंद कर दिया था जिसमें लखनऊ भी शामिल है. रज़ा बीए(हॉनर्स) तृतीय वर्ष के छात्र हैं, उनका विषय इतिहास है.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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