बुरी तरह दबा’व में आया अमरीका?, इन मुस्लि’म देशों के ज़रिए दिया ईरान को बड़ा ऑ’फ़र..

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अमरीका द्वारा ईरान के टॉप जनरल क़ासिम सुलेमानी की ह’त्या किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में अमरीकी फ़ौज पर ह’मले की संभावना बढ़ गई है. अमरीका और ईरान के बीच सीधी ल’ड़ाई न हो इसकी कोशिशें शुरू हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक़ अमरीका ईरान से सीधा युद्ध नहीं चाहता. परन्तु अमरीका द्वारा टॉप जनरल की ह’त्या के बाद मामला काफ़ी बढ़ गया है. इस मामले को अब अमरीका सुलझाने की भी कोशिश कर रहा है और अपनी कार्यवाई को जस्टिफाई कर रहा है.

ख़बर है कि अमरीका ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन से कहा है कि वो इस सिलिसले में दोनों देशों के नेताओं से बात करें कि युद्ध जैसी स्थिति न बने. अमरीका ने तुर्की को अपनी कार्यवाई के सिलसिले में बताया कि ये ग़ैर-ज़रूरी क़दम नहीं था. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन क्षेत्र के सबसे ताक़तवर नेताओं में से एक हैं. उन्होंने ईरान और ईराक़ दोनों के शीर्ष नेताओं से बात की है.

Qasim Sulemani

ईराक़ी राष्ट्रपति बरहम सालेह से फ़ोन पर हुई बात में तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि वो ईराक़ को कभी भी युद्ध का केंद्र नहीं बनने देंगे. वहीँ ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनकी ल’ड़ाई आ’तंकवाद के ख़िलाफ़ जारी रहेगी. एर्दोआन ने भी इस बात का भरोसा जताया है कि वो इस मुश्किल घड़ी में साथ खड़े हैं. इस बीच ऐसी ख़बर है कि ईरान ने जमकारन मस्जिद पर लाल झंडा फहराया है.

जानकार मानते हैं कि इस झंडे का अर्थ है कि इमरजेंसी जैसी स्थिति है और जो स्थिति है उसका बदला दुश्मन से लिया जाएगा. इस बीच एक और बड़ी ख़बर आ रही है. अमरीका ने क़तर से भी बात की है और कहा है कि अगर ईरान बदला नहीं लेता है तो वो नुक्लेअर डील करने को तैयार है और साथ ही सैंक्शन हटाने को भी तैयार है.

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