दुनिया के इस ताक़तवर देश में आर्थिक सं’कट का ड’र, बेरोज़गारी के आँकड़ों ने चौं’काया

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में 12 दिसंबर को चुनावों की घोषणा की है। और चुनावों से ठीक पहले 4 सालों में नौकरियों में सबसे बड़ी कटौती भी रिकॉर्ड की गई है। आंकड़ों की मानें तो जुलाई से लेकर सितंबर तक लगभग 58 हज़ार लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो बैठे हैं। बेरोज़गारी दर 1975 के बाद से अब 3.8 फ़ीसदी पर पहुंच गई है।

माना जा रहा है कि यह अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर के तनाव का असर भी हो सकता है। कहा जा रहा है कि ब्रेक्जिट गतिरोध को ख़त्म करने के इरादे से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने 12 दिसंबर को चुनाव कराने की घोषणा की है एचएसबीसी अर्थशास्त्री क्रिस हैरे ने कहा है कि मान लेते हैं कि रोज़गार के आंकड़े स्थित हो सकते हैं। और नौकरियों में गिरावट अंशकालिक रोज़गार के कारण हो सकती है। लेकिन यह गिरावट श्रमिक मांग में नरमी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।

ग़ौरतलब है कि नौकरियों में कटौती के बाद से बैंक ऑफ इंग्लैंड ने हाल ही में ब्याज दरें घटाई हैं। और शासन ने इस दौरान लगभग 94 हज़ार लोगों की नौकरी जाने का अनुमान लगाया था। जबकि करीब 58 हज़ार लोगों को नौकरी से बाहर होना पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार कुल आय और मूल आय में 3.6 फ़ीसदी की बढ़त भी देखी गई है।

जो कि अनुमान से बहुत कम है। और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में वृद्धि भी इस साल दिसंबर में सिर्फ़ एक फ़ीसदी ही रिकॉर्ड की गई है जो पूरे दशक में सबसे कम वृद्धि दर है। इसके अलावा नियोक्ताओं का यह भी मानना है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के जीतने के बाद भी नौकरियों में कटौती जारी रह सकती है।

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