सुबह बनी सरकार शाम होते ही मुश्किल में पड़ी, NCP-शिवसेना-कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट ने..

मुंबई: महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट में आज कई मोड़ देखने को मिले. जहाँ सुबह ऐसा लग रहा था कि भाजपा ने बाज़ी मार ली है वहीँ शाम तक भाजपा नेताओं के चेहरों पर वो ख़ुशी नहीं देखने को मिली. रात होते होते तक शरद पवार ने साबित कर दिया कि वो अभी भी दम रखते हैं और उन्हें कम समझने वाले धोके में हैं. वाईबी चौहान सेंटर में रात तक चली एनसीपी की मीटिंग के बाद एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने विक्ट्री साइन दिखाया.

एनसीपी में बग़ावत की ख़बरें जो सुबह आयी थीं वो शाम होते होते सब ग़ायब होने लगीं और एक समय लग रहा था कि एनसीपी नेता अजीत पवार पार्टी के एक धड़े को अपने साथ रखने में कामयाब हो गए हैं लेकिन आख़िर में वो फीके पड़ गए. इस पूरे मामले को लेकर एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए हैं. सर्वोच्च अदालत इस मामले की सुनवाई कल सुबह साढ़े ग्यारह बजे करेगी. इस पूरे मामले पर टिपण्णी करते हुए कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि देवेन्द्र फडनवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को गुमराह किया.

उन्होंने कहा कि फडनवीस को इस्तीफ़ा देना चाहिए..एनसीपी के पास में नंबर हैं और 4-5 विधायक ही ऐसे हैं जिनसे पार्टी का टच नहीं हो पा रहा.अजीत पवार को घर वापिस आ जाना चाहिए. इस बीच ख़बर है कि एनसीपी अपने विधायकों को होटल रिनेसा में ठहरायेगी.ख़बर है कि 4 विधायकों को छोड़कर सभी विधायक एनसीपी की मीटिंग में पहुँचे हैं. एनसीपी ने अपनी मीटिंग में अजीत पवार को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है. दिलीप वलसे पाटिल को एनसीपी विधानमंडल का नेता चुन लिया गया है.

पाटिल को शरद पवार का क़रीबी माना जाता है. महाराष्ट्र की राजनीति में ये काफ़ी बड़ा डेवलपमेंट है. दिलीप वलसे पाटिल इस मीटिंग से पहले अजीत पवार से मिलने के लिए पहुँचे थे.उन्होंने अजीत पवार को समझाने की कोशिश की कि पार्टी की मीटिंग में चलें और आख़िर में उनके ख़िलाफ़ ये फ़ैसला ले लिया गया है. इसके पहले आज सुबह एक बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा के नेता देवेन्द्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजीत पवार दिखे जिन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

अजीत पवार के बारे में कहा जा रहा है कि 10 से 12 ही विधायक उनके साथ थे.शरद पवार ने इसके अतिरिक्त कहा कि मुझे यक़ीन है कि राज्यपाल ने बहुमत सिद्ध करने का मौक़ा दिया है और वो बहुमत सिद्ध नहीं कर पाएँगे…उसके बाद हम तीनों पार्टी मिलकर सरकार बनायेंगे. पवार से जब पूछा गया कि क्या आप अपने विधायकों को बचाने के लिए उन्हें होटल वग़ैरा में ठहराएंगे तो उन्होंने कहा कि हमसे जो बन पड़ेगा सब करेंगे.पवार ने कहा कि एक नया लेजिस्लेटिव पार्टी नेता पार्टी चार बजे चुनेगी.

शिवसेना के वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले EVM का खेल चल रहा था और अब ये खेल चल रहा है.. आगे तो चुनाव की ज़रूरत ही नहीं है..सभी जानते हैं छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ धोका हुआ है और उन्हें पीठ में छुरा घोंपा गया है. पवार ने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक़ पवार के साथ 10-12 विधायक थे जिनमें से तीन तो अभी ही यहाँ खड़े हैं.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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