अभिनव बिंद्रा ने निकहत ज़रीन का किया समर्थन तो भ’ड़क गईं मेरिकॉम..

नई दिल्ली: मशहूर मुक्केबाज़ मेरिकॉम और मुक्केबाज़ निकहत ज़रीन के बीच विवाद ज़ोरों पर है. निकहत ज़रीन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिख कर बताया था कि उन्होंने देश के खेल मंत्री किरन रिजीजू को एक ख़त लिखा है जिसमें उन्होंने माँग की थी कि उन्हें भी ओलिंपिक में एंट्री करने के लिए मौक़ा दिया जाना चाहिए. उनके इस बयान पर ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा ने उनका पक्ष लिया लेकिन ये बात मेरिकॉम को पसंद नहीं आयी है.

बिंद्रा ने निकहत की मांग को जायज़ ठहराते हुए कहा था कि मेरीकॉम का मैं पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन खिलाड़ी को अपने करियर में बार-बार सबूत देने पड़ते हैं. यह सबूत कि हम आज भी कल की तरह खेल सकते हैं. कल से बेहतर और आने वाले कल से बेहतर. खेल में बीता हुआ कल मायने नहीं रखता. उनकी इस टिपण्णी पर मेरिकॉम भड़क गई हैं. उन्होंने कहा कि बिंद्रा ओलिंपिक गोल्ड मैडल जीत चुके हैं लेकिन मैंने भी विश्व चैंपियनशिप में कई गोल्ड जीते हैं.

उन्होंने कहा,”मुक्केबाजी में हस्तक्षेप या दखल देना, उनका इससे कोई लेना देना नहीं है. मैं निशानेबाजी के बारे में बात नहीं करती इसलिए उनके लिए बेहतर यही होगा कि वह मुक्केबाजी पर चुप रहें. वह मुक्केबाजी के नियम नहीं जानते.” असल में ज़रीन का कहना है कि सिर्फ़ मेरिकॉम को ओलिंपिक में एंट्री दिलाने के लिए नियमों को बदला गया है.

ज़रीन ने अपने पत्र में लिखा है कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया अब तक वर्ल्ड कप में गोल्ड और रजत पदक जीतने वालों को ओलिंपिक ट्रायल से exempt रखता था लेकिन मेरिकॉम जोकि कांस्य पदक विजेता हैं उन्हें ओलिंपिक में एंट्री दिलाने के लिए इस नियम को बदल दिया गया. ज़रीन का कहना है कि चूंकि उन्होंने भी तैयारी की है और ट्रायल के लिए वो तैयार थीं पर आख़िरी समय में इस ट्रायल को कैंसिल कर दिया गया जोकि ठीक नहीं है. मेरिकॉम लेकिन ट्रायल नहीं चाहतीं. अभिनव बिंद्रा के समर्थन करने पर उन्होंने कहा कि वह मुक्केबाजी के बारे में कुछ नहीं जानते. इसलिए बेहतर होगा कि चुप रहें. मुझे नहीं लगता कि अभिनव भी हर निशानेबाजी टूर्नामेंट से पहले ट्रायल्स के लिए जाते होंगे.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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