बिहार में नितीश कुमार ने लालू के ‘जादू-टोना’ के बारे में दिया बयान, राजद और भाजपा ने ये..

January 3, 2020 by No Comments

पटना: इस वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसको लेकर एक तरह से चुनाव प्रचार भी शुरू हो गया है. हालाँकि अभी औपचारिक तौर से नहीं शुरू हुआ है लेकिन बातचीत में अब वो रंग दिखने लगा है. बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने नए साल पर जब अनौपचारिक बातचीत की तो उसमें उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा.

नीतीश कुमार ने बातचीत के क्रम में मुख्यमंत्री आवास का ज़िक्र करते हुए कह दिया कि जब यहाँ लालू यादव-राबड़ी देवी शिफ्ट हुए थे तब तब जादू टोना के बहाने जगह-जगह पुरिया छोड़ दिया था. नीतीश के अनुसार इसके बाद लालू यादव ने मज़ाक़-मज़ाक़ में खुद भी यह माना था कि उन्होंने ये सब किया था.उनके इस बयान पर राजद के उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने बड़ा बयान दिया है.

उन्होंने कहा कि लालूजी ने एक मर्तबा मुझे बताया था कि पटना के दरभंगा हाउस के काली मंदिर में नीतीश कुमार ने मारक पूजा करवाया था. यह पूजा लालू यादव को लक्ष्य करके कराया गया था. वहां के पुजारी ने सुन लिया कि यह पूजा लालू जी को नुक़सान पहुंचाने के लिए कराया जा रहा है. उस पुजारी ने इसकी जानकारी लालू जी को पहुंचा दी. शायद लालूजी की ओर से भी उसके लिए इंतज़ाम किया गया था.

उन्होंने कहा कि क्यूँकी वो इन चीजों पर विश्वास नहीं करते इसलिए ये बात उनके ज़हन से उतर गई.उन्होंने कहा,” नीतीश जी की भूत वाली बात से यह कहानी अचानक स्मरण में आ गई.” राजद उपाध्यक्ष के बयान के बाद बिहार के उप-मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि नया साल बिहार के लिए विधानसभा चुनाव का वर्ष है, इसलिए सभी नागरिकों को हर तरह के दुष्प्रचार, अफवाह, तथ्यहीन बयानबाजी और अंधविश्वास में भरोसा करने वालों से लगातार सावधान रहने की जरूरत है.

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में 15 साल राज करने वाले लालू प्रसाद को जब जनता ने सत्ता से बाहर किया था, तब काफी दिनों तक उन्होंने मुख्यमंत्री आवास नहीं छोड़ा और नीतीश कुमार को सर्किट हाउस से सरकार चलानी पड़ी थी. जाते समय लालू प्रसाद मिट्टी तक ले गए थे. भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र को मानने वाले लालू प्रसाद ने बाद में एक तांत्रिक को पार्टी का उपाध्यक्ष तक बना दिया था. जिन्हें जनता पर भरोसा नहीं, वे राज्य का भला क्या करेंगे?

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