बिहार भाजपा के नामवर नेता ने ज़ाहिर की नाराज़गी,’कार्यकर्ता का पद तो कोई छीन नहीं सकता..’

November 15, 2020 by No Comments

पटना: कहते हैं राजनीति में जीत ही जीत है या जीत ही हार है, ये पता नहीं चलता है. एक तरफ़ राजद नेता तेजस्वी यादव का गठबंधन चुनाव में कुछ अंतर से हार गया लेकिन पूरे देश में उनकी तारीफ़ हो रही है, दूसरी ओर भाजपा नेता सुशील मोदी की पार्टी का गठबंधन जीत गया और सरकार भी बन रही है लेकिन व्यक्तिगत तौर पर उनको नुक़सान हो गया है. सुशील मोदी जो लम्बे समय तक नीतीश कुमार के सहयोगी की तरह जाने जाते थे, इस बार उन्हें ये पद नहीं मिलेगा.

सुशील मोदी उप-मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन इस बार उनसे ये पद छीन लिया गया है. इस बार कटिहार के विधायक तारकिशोर प्रसाद के रविवार को बिहार विधानसभा में भाजपा का नेता चुन लिया गया. इसके बाद सुशील मोदी ने एक ट्वीट किया जिसके बाद बिहार में चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं. सुशील मोदी ने ट्वीट किया,”भाजपा एवं संघ परिवार ने मुझे 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन में इतना दिया की शायद किसी दूसरे को नहीं मिला होगा. आगे भी जो ज़िम्मेवारी मिलेगी उसका निर्वहन करूंगा. कार्यकर्ता का पद तो कोई छीन नहीं सकता.”


जिस तरह से उन्होंने “छीन नहीं सकता” का ज़िक्र किया है, उससे लगता है कि वो भाजपा के फ़ैसले से बिलकुल ख़ुश नहीं हैं और मानते हैं कि कोई उनकी ही पार्टी में है जिसने उनसे ये पद छीन लिया. ख़बर है कि उनको मनाने की भी ख़ास कोशिश नहीं हो रही है. वहीं कुछ जानकार मानते हैं कि नीतीश कुमार को कमज़ोर करने के लिए सुशील मोदी को हटाया जाना ज़रूरी था. सुशील मोदी भाजपा नेता होने के बावजूद नीतीश कुमार के ख़ास माने जाते थे. भाजपा नेताओं को अभी एहसास हो या नहीं लेकिन ये भाजपा के लिए ख़’तरे की घंटी हो सकती है.

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