मदरसा बोर्ड को भंग करेगी भाजपा सरकार, शिक्षा मंत्री ने दिया..

October 17, 2020 by No Comments

भाजपा सरकारों पर इस तरह के इलज़ाम लगते रहते हैं कि वो जब भी सत्ता में आते हैं तो वो कुछ ऐसा करते हैं जिससे कि अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को परेशानी हो. वहीँ दूसरी ओर अपने फैसलों का बचाव भाजपा सरकारें करती रही हैं कि वो तो ऐसा इसलिए करती हैं ताकि मुस्लिम भी मेन-स्ट्रीम में आ जाएँ. असम की भाजपा सरकार ने भी कुछ ऐसा ही क़दम उठाया है जिसके बाद उसकी आलोचना भी हो रही है तो आगे की स्थिति क्या होगी इस पर विचार भी चल रहा है.

असल में असम में सरकार द्वारा संचालित सभी मदरसों और संस्कृत केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि इस आशय की अधिसूचना नवंबर में जारी की जाएगी। एक ख़बर के मुताबिक़, मंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आगे कहा कि मदरसा शिक्षा बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा और सभी राज्य संचालित मदरसों को उच्च विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया जाएगा और नियमित छात्रों के रूप में सभी के लिए नए प्रवेश होंगा।

अंतिम वर्ष के छात्रों को पास होने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इन स्कूलों में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों को नियमित छात्रों के रूप में अध्ययन करना होगा। मंत्री ने कहा कि संस्कृत टोल (संस्थान) कुमार भास्करवर्मा संस्कृत विश्वविद्यालय को सौंप दिए जाएंगे और इन्हें शिक्षण और अनुसंधान के केंद्रों में परिवर्तित कर दिया जाएगा, जहां भारतीय संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रवाद का अध्ययन किया जाएगा। कुछ जानकार इसे ठीक मान रहे हैं और कहते हैं कि मदरसा पुराने दौर की शिक्षा है और अब इसका आधुनिकीकरण ज़रूरी है लेकिन इसका आधार किसी धर्म विशेष के ख़िलाफ़ ग़लत भावना रखकर काम करना न हो.

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