भाजपा ने सचिन पायलट को CM बनाने से किया इनकार, अशोक गहलोत ने चल दिया बड़ा दाँव…

July 12, 2020 by No Comments

जयपुर: राजस्थान के राजनीतिक हालात तेज़ी से बदल रहे हैं. सूबे में कांग्रेस की सरकार है लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट में ठन गई है. ख़बर है कि इस सारे माहौल के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने शामिल होने से इनकार कर दिया है. दिल्ली में डेरा डाले सचिन पायलट ने यह भी दावा किया कि उन्हें 30 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है और गहलोत सरकार अल्पमत में है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज रात अपने आवास पर विधायकों से साथ बैठक भी की है. सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट पर सवाल उठाने के आदेश जारी करने से नाराज़ है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “सोनिया और राहुल गांधी दोनों को स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है. हमें विश्वास है कि हम मध्य प्रदेश की स्थिति को फिर से नहीं बनने देंगे.” अशोक गहलोत के सहयोगियों ने कहा कि उन्होंने बैठक में भाग लेने के लिए सचिन पायलट को आमंत्रित किया है, लेकिन उनसे संपर्क करने में विफल रहे.

सूत्रों ने कहा, “हमने इस बैठक का आयोजन बीजेपी को रोकने के लिए किया है, जो मध्यप्रदेश या मणिपुर की तरह खेल के नियमों को बदलती रहती है.” सूत्रों ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सावधानी बरत रहे हैं कि हमारे सभी एमएलए मौजूद हैं.” सूत्रों ने कहा कि बीजेपी ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद का ऑफर देने से इनकार कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक़, सचिन पायलट को राज्यसभा चुनाव से पहले हॉर्स-ट्रेडिंग की जांच में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था.

राजस्थान के मुख्य सचेतक महेश जोशी द्वारा राज्यसभा चुनाव से पहले दायर की गई शिकायत पर शुक्रवार को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप द्वारा पायलट को तलब किया गया था. सचिन पायलट के विश्वासपात्र विधायकों ने जांच के आदेश के बाद विद्रोह की धमकी दी है. पायलट के करीबी सूत्रों ने कहा, “इससे पहले कभी राज्य अध्यक्ष या उपमुख्यमंत्री को इस तरह का पत्र नहीं दिया गया.”

उन्होंने कहा, “आलाकमान ने हस्तक्षेप करने के लिए कुछ नहीं किया है.” गहलोत ने कहा है कि उन्हें मुख्य सचेतक के साथ-साथ पूछताछ के लिए सम्मन भी मिला है और सहयोग करना उनका कर्तव्य है. “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है,” सूत्रों ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया. गहलोत ने कल कहा कि बीजेपी पाला बदलने के लिए विधायकों को 15 करोड़ रुपये तक दे रही है. गहलोत ने कल शाम एनडीटीवी से कहा, “आपने इसे गोवा, मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों में देखा.” वहीँ अशोक गहलोत ने अपना तुरुप का इक्का चल दिया है. अविनाश पाण्डेय अब सब मैनेज कर रहे हैं जो राजस्थान की राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं. पाण्डेय ने कहा,”कांग्रेस की सरकार मज़बूत है और ये जो भी लोग हैं हम उनका मुक़ाबला करेंगे”

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