भाजपा के बाद अब ओवैसी ने भी ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ लगाया ज़ोर, इस टीम को लेकर..

January 31, 2021 by No Comments

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज़ हो गई है. इस बार तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, सीपीआई (एम), कांग्रेस समेत कई छोटी पार्टियाँ भी अपना दम लगा रही हैं. हम ये तो देख रहे हैं कि भाजपा तृणमूल को हराने के लिए पूरा दम लगा रही है. वहीं इस फ़ेहरिस्त में एक नाम आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन का भी है. असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी के बारे में माना जाता है कि इसे युवा मुस्लिम वोटर पसंद करते हैं. राज्य में अब तक तृणमूल कांग्रेस ही मुस्लिम समुदाय की पहली पसंद रही है.

ख़बर है कि ऑल इंडिया मजलिसे ए इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने पार्टी के 8 नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. AIMIM ने जिन नेताओं को ये बड़ी ज़िम्मेदारी दी है उनमें तेलंगाना के नामपल्ली से विधायक जफर हुसैन मेराज और विधान परिषद सदस्य मिर्जा रियाज उल हसन एफेंदी का नाम भी शामिल है. दोनों को कोलकाता और दक्षिण बंगाल की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. मुर्शिदाबाद, बीरभूम और नाडिया के लिए बिहार के अमौर से विधायक अख्तर उल ईमान, बिहार के AIMIM यूथ प्रेसिडेंट आदिल हुसैन को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

वहीं उत्तर, दक्षिण दिनाजपुर, कूच बिहार और अलीपुरद्वार के लिए बिहार के जोकीहाट से विधायक शाहनवाज, बिहार के कोचाधमान से पार्टी विधायक हाजी मोहम्मद इजहर अस्फी को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मालदा क्षेत्र के लिए बिहार के बैंसी से एआईएमआईएम विधायक सैयद रूकनुद्दीन अहमद और बिहार के बहादुरगंज से विधायक MLA अंजार नईमी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. जानकार मानते हैं कि अगर ओवैसी का ग्राफ़ बढ़ता है तो ममता बनर्जी को नुक़सान होगा वहीं इसका सीधा फ़ायदा भाजपा को होगा.

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