बैंगलोर पुलिस के आला अधिकारी भी एं’टी CAA प्रोटेस्ट में हुए शामिल?, सोशल मीडिया पर वायर’ल फोटो का सच

भारत

बेंगलुरु से एक ऐसी ख़बर आ रही है जिसको CAA और NRC के ख़िला’फ़ प्रोटेस्ट कर रहे युवा और छात्र लगातार शेयर कर रहे हैं। असल में आंदोलन के शुरू होने के बाद से ही पुलिस के रवैये की आलोचना हो रही है। आलोचना सबसे अधिक दिल्ली पुलिस की हो रही है जहाँ पुलिस ने छात्रों पर यूनिवर्सिटी में घु’स कर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के ऊपर लोगों को उकसाने से लेकर हिंसा करने तक के गंभीर आरो’प लगे हैं.

दिल्ली में कई छात्र घायल हुए तो उत्तर प्रदेश में पुलिस की गो’ली से कुछ लोगों के मा’रे जाने की भी ख़बर है. पूरे देश में दिल्ली पुलिस की बदनामी हुई है जबकि उत्तर प्रदेश में भी पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में रहा है. परन्तु बेंगलुरु से ऐसी ख़बर आ रही है जिसने प्रदर्शनकारियों को ख़ुश कर दिया है.एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसके ज़रिये कहा जा रहा है कि बेंगलुरु में पुलिस विभाग के कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों का सम’र्थन किया है.

एक फ़ोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कुछ पुलिस के लोग “नो NRC, नो CAA” के प्लेकार्ड लिए हुए हैं. इतना ही नहीं एक प्ले कार्ड में लिखा है कि मासूमों पर लाठीचा’र्ज हमसे नहीं हो पाएगा. बताया जा रहा है कि ये आला अफ़सर हैं जो इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए हैं लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं की जा सकी.बाद में पड़ताल करने पर हमें मालूम हुआ कि ये तस्वीर एडिट की गई है और सही नहीं है.

उल्लेखनीय है कि पूरे देश में नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़ि’लाफ़ भयंकर प्रदर्शन चल रहे हैं. देश के लगभग हर शहर में छोटे या बड़े प्रदर्शन हुए हैं और लगभग हर घन्टे कहीं न कहीं प्रदर्शन हो रहा है. केंद्र सरकार समझ नहीं पा रही है कि वो लोगों को कैसे समझाए और चूंकि सरकार ने बड़ी बड़ी बातें करके इस क़ानून को अमली जामा पहनाया, इसलिए अब पीछे हटना भी उनकी साख का विषय बन गया है.

28 thoughts on “बैंगलोर पुलिस के आला अधिकारी भी एं’टी CAA प्रोटेस्ट में हुए शामिल?, सोशल मीडिया पर वायर’ल फोटो का सच

  1. Now Muslims then Dalit then Sikhs then Christians. We are fighting for you we request you All communities to come together and say no to CAB Say no to NRC. we Boycott CAA & NRC.

  2. कश्मिर पर १३८ दिन से इन्टरनेट बन्द है , मुसलमानों को भारत से हटानेका कानुन बनाराहाहे मादी सरकार | NRC लागु होनेके वात लाखौ मुसलमानो और गोर्खाली जैस लोगोका का भबिष्य क्या होगा ? इसलिए इतिहास मे सबसे नालायक सरकार है मोदी सरकार |

  3. #धन्य_हैं_ये_जवान
    निर्दोष नासूमों पर गोली हम न कभी चला पाएंगे,
    अंतरात्मा की आवाज़ को गलत कैसे कह पायेंगे?

  4. Our police is one of us. Our they are family. They are Elaine. They love and care and sorow too. The police is for us not against us. A family cannot be divided by corrupt politicians, Jamiya was an instance and attackers were not police. It were RSS as alleged. Top cop Randhawa is not a political poodle. Who were the hidden hand in massive in number that is subject of investigation. Politician are corrupt and have hidden agenda . Police work as order and they would not take risk as they too have baby and Bibi at home. The act of police attacking student seems dicier. How could police who are our brothers and sisters keep beating us unreasonably. So even police feel such were foreign element in the uniform. Also, the way Mr. Guha was treated appear estrange. He is a mature and known person and enjoy international respect. Indian police may be least educated but well informed. The problem is Police faces were cover with helmet. To determine who were they was default. This lead to a fact that that BJP is using RSS as a secrate police.

  5. Two facts are noticeable. Helmet covered face police beating girls. It is unbelievable as police would not do such obnoxious act.

    2nd is police number were more than demonstrators. It is as if it were that more army is deployed than population. Such is illogical. It indicates a conspiracy. Indian police and Army are not consparator but discipline and organised force who work for protection of people. In the recent cases, we saw everywhere police characters were not matching their duty. Thus indicate RSS. Our nation is not safe under BJP governances who is RSS as secret police.

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