बंगाल में इस बार बड़ी संख्या में बने मुस्लि’म विधायक, देखें पूरी लिस्ट..

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुस्लिम समुदाय का हमेशा से ही बड़ा प्रभाव रहा है. इस बार भी कुछ इस तरह की स्थिति देखने को मिली है. मुस्लिम वोटरों ने बढ़ चढ़ कर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को वोट किया तो उसका नतीजा ये हुआ कि 292 सीटों वाली विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस को 213 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने 42 मुस्लिम नेताओं को पार्टी का टिकट दिया था जिसमें से 41 ने जीत का परचम लहराया है. कुल मुस्लिम विधायकों की संख्या की बात करें तो ये 42 है. तृणमूल कांग्रेस के अलावा राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी के नव्साद सिद्दीक़ी ही मुस्लिम विधायक हैं. भाजपा के कुल 77 विधायक जीतकर आए हैं लेकिन इनमें से एक भी मुस्लिम नहीं है.

भाजपा के बारे में कहा जाता है कि इसकी राजनीति कट्टर हिंदूवादी है और पार्टी मुस्लिम को बहुत कम ही टिकट देती है. मुस्लिम समुदाय का वोट हासिल करने की कोशिश न करना इस बार भाजपा के लिए भारी पड़ा है. वहीं सीपीएम और कांग्रेस गठबंधन को एक भी सीट हासिल नहीं हुई है, हालाँकि दोनों दलों ने बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए थे.

इंडियन सेक्युलर फ्रंट नामक दल ने भी 26 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन अब्बास सिद्दीक़ी की पार्टी एक भी सीट न जीत सकी. AIMIM ने भी 5 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी बुरी तरह चुनाव हार गई. अगर देखा जाए तो इस बार 42 मुस्लिम चुनाव जीते हैं जोकि 2016 की तुलना में कम हैं. पिछली बार 56 मुस्लिम विधायक चुन कर आए थे जबकि 2011 में ये आँकड़ा 59 था.

अमदंगा से रफीकुरहमान, बदुरिया से अब्दुर रहीम क़ाज़ी, बसीरहाट उत्तर से रफ़ीकुल इस्लाम मंडल, बेल्दंगा से हसन उज़ ज़मां, भागबंगोला से इदरीस अली, भरतपुर से हुमायूँ कबीर, कैनिंग पुरबा से शौकत मुल्ला, चाकुलिया से आज़ाद मिन्हाज़ुल अर्फिन, छपरा से रुकबानुर रहमान, छोपरा से हमीदुल रहमान, डेबरा से हुमायूँ कबीर, देगंगा से जफिकुल इस्लाम, फरक्का से मनिरुल इस्लाम, गोलपोखर से मुहम्मद ग़ुलाम रब्बानी, हरिहर्पारा से नियामत शेख़, हरिश्चंदारपुर से तजमुल हुसैन, हरोया से इस्लाम नुरुल, इस्लामपुर से अब्दुल करीम चौधरी, इटहर से मुशर्रफ हुसैन, जलंगी से अब्दुर रज़्ज़ाक, कालीगंज से नसीरुद्दीन अहमद.

क़स्बा से अहमद जावेद ख़ान, केतुग्राम से शेख़ शाहनवाज़, कोलकाता पोर्ट से फिरहद हाकिम, कुमारगंज से तोरफ हुसैन मंदा, लालगोला से अली मुहम्मद, मग्राहट पश्चिम से गयास उद्दीन मुल्ला, मल्तिपुर से अब्दुर रहीम बोक्सी, मटियाबुरुज से अब्दुल ख़लीक़ मुल्ला, मोंतेस्वर से चौधरी सिद्दीकुल्ला, मोठाबरी से यस्मिन सबीना, मुराराई से डॉक्टर मुशर्रफ हुसैन, नकाशीपारा से कल्लोल ख़ान, नाओदा साहिना मुमताज़ ख़ान, पंसकुरा पश्चिम से फिरोजा बीबी, रघुनाथ गंज से अखरुज़ज़मां, रानीनगर से अब्दुल सौमिक हुसैन, रेजिनगर से रबीउल आलम चौधरी, सोनारपुर उत्तर से फिरदौसी बेगम, सुजापुर से मुहम्मद अब्दुल ग़नी. ये सभी तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते हैं. इनके अलावा भंगार से मुहम्मद नवसाद सिद्दीक़ी ने राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता है.

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