बंगाल में भाजपा के लिए मुसी’बत बनी ब’ग़ावत, 35 नेता छोड़ सकते हैं पार्टी और मुकुल रॉय..

June 10, 2021 by No Comments

कोलकाता. पश्चिम बंगाल भाजपा इस समय सं’कट के दौर से गुज़र रही है. विधानसभा चुनाव के नतीजों ने भाजपा की कलई खोल दी है. ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा के नेता उनके साथ बस इसलिए थे कि सत्ता मिल जाएगी तो सत्ता की मलाई खाएँगे. तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीतने ने भाजपा के कई नेताओं के मन में भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का हाथ थामने की बात डाल दी है.

तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में गए नेताओं की हालत कुछ ज़्यादा ही बेताबी वाली है. तृणमूल कांग्रेस में एक समय ममता बनर्जी के सबसे क़रीबी माने जाने वाले मुकुल रॉय ने 2017 में भाजपा ज्वाइन की थी. परन्तु अब वह वापिस तृणमूल में आना चाहते हैं. टीएमसी और बीजेपी दोनों ही मुद्दे पर अभी कुछ भी कहने से बच रही हैं. साथ ही रॉय ने भी अभी तक खुलकर मामले पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, बुधवार शाम टीएमसी सांसद सौगत रॉय (Saugata Roy) ने बयान में बदलाव के संकेत दिए हैं.

एक निजी चैनल से बात करते हुए तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा,”कई लोग हैं और अभिषेक बनर्जी के साथ संपर्क में हैं और वापसी करना चाहते हैं. मुझे लगता है उन्होंने जरूरत के समय में पार्टी को धोखा दिया है.” टीएमसी सांसद ने साफ कर दिया है,”आखिरी फैसला ममता दी लेंगी, लेकिन मुझे लगता है कि दल बदलने वालों को दो हिस्सों सॉफ्टलाइनर और हार्डलाइनर में बांटा जाएगा.”

उन्होंने समझाया कि सॉफ्टलाइनर में वे नेता शामिल होंगे, जिन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कभी अपमान नहीं किया. जबकि, हार्डलाइनर्स ने सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित किया है. रॉय ने कहा, ‘दल बदलने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के बारे में काफी गलत कहा. मुकुल रॉय ने खुलकर मुख्यमंत्री के लिए कोई गलत बात नहीं की.’

इस तरह की ख़बरें हैं कि करीब 35 नेता सत्ताधारी दल के साथ वापस आना चाहते हैं. मुकुल रॉय की टीएमसी में वापसी की अटकलें तब से शुरू हो गई थीं, जब अभिषेक बनर्जी अस्पताल में भर्ती रॉय की पत्नी का हाल जानने पहुंचे थे. रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुद रॉय से फोन पर बातचीत की थी.

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