राजद नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद शहा’बुद्दीन की मौ’त के बाद अब सियास’त शुरू हो चुकी है। बाहु’ब’ली छवि रखने वाले शहाबुद्दीन की मौ’त के फौरन बाद ही पूर्व सीएम जीतनराम मांझी की सत्ताधारी HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान ने इस पर सवाल उठाए थे। इसके बाद RJD के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने भी सरकार पर कई आरोप लगाए। अब ओवैसी ने भी मोर्चा खोल दिया है।

एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शहाबुद्दीन की मौ’त पर एक के बाद एक लगातार दो ट्वीट किए हैं। इस ट्वीट में ओवैसी ने लिखा है कि ‘मर’हूम शहाबुद्दीन साहब के घर वाले उनकी तदफ़ीन सिवान में करना चाहते हैं।अधिकारी इसकी इजाजत नहीं दे रहे हैं और उनकी मय्यत को घरवालों के हवाले नहीं कर रहे हैं। शहाबुद्दीन साहब का ठीक से इलाज नहीं हुआ था। उन्हें एक COVID-19 के मरीज के साथ रखा गया था।’

इसी के बाद ओवैसी ने दूसरा ट्वीट किया और लिखा ‘कम से कम उनके गमजदा घर वालों को उनके आखिरी रूसूमात उनके हिसाब से करने से तो नहीं रोका जाना चाहिए। जाहिर सी बात है कि वो COVID-19 के तमाम एहतियाती तदाबीर पर अमल करेंगे।’ समस्तीपुर के विधायक और आरजेडी के नेता अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के नि’धन को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शाहीन ने वीडियो जारी कर कहा है कि एक साजिश के तहत शहाबुद्दीन की ह’त्या की गई है। उन्होंने जे’ल प्र’शासन को लेकर कई सवाल भी उठाए। आरजेडी विधायक शाहीन ने कहा है कि शहाबुद्दीन जब तिहाड़ जेल के सेपरेट वार्ड में थे तब वहां कोरोना कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब शहाबुद्दीन कोरोना से संक्रमित हो भी गए तब उनका इलाज बेहतर अस्पताल में कराया जाना चाहिए था। इसकी बजाए शहाबुद्दीन को दीनदयाल अस्पताल जैसे हॉस्पिटल में ही क्यों भर्ती कराया गया। उनका इलाज एम्स या किसी अन्य बड़े अस्पताल में क्यों नहीं करवाया गया।

समस्तीपुर नगर के विधायक शाहीन ने कहा कि हाईकोर्ट ने भी मोहम्मद शहाबुद्दीन का बेहतर इलाज करवाने के लिए कहा था। कहीं ना कहीं इसके पीछे कोई साजिश रची गई है। उन्होंने सीवान के पूर्व सांसद, आरजेडी के बाहुबली नेता की कोरोना से हुई मौत के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की भी मांग की है

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.