‘बड़े बे-आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले’, 4 साल में 9 दिन बाक़ी थे भाजपा ने अपने CM से कहा-‘गद्दी छोड़ो!’

March 9, 2021 by No Comments

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया. रावत जब इस बात को बताने के लिए प्रेस के सामने आए तो उनके चेहरे पर उदासी नज़र आयी. त्रिवेंद्र सिंह रावत को उम्मीद रही होगी कि वो पूरे पाँच साल राज्य के मुख्यमंत्री रहेंगे लेकिन अचानक पार्टी ने कुछ और तय कर लिया और उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा. भाजपा के केन्द्रीय थिंक-टैंक ने क्या सोचकर ये क़दम उठाया ये तो अभी साफ़ नहीं है लेकिन रावत कैम्प में इस फ़ैसले के बाद निराशा दिख रही है.

रावत ने कहा कि मैंने आज राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. रावत ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मौक़ा दिया कि वो चार साल राज्य की सेवा करें. उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ये मौक़ा मिलेगा..पार्टी ने अब तय किया है कि मुख्यमंत्री किसी और को बनाया जाए. रावत ये बातें कह रहे थे तब उनके चेहरे पर निराशा झलक रही थी.


उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता एक पूर्व सैनिक थे. बीजेपी में ही यह संभव था कि एक छोटे से गांव के अति साधारण परिवार के एक पार्टी के कार्यकर्ता को इतना बड़ा सम्मान दिया. 4 साल मुझे सेवा करने का मौका दिया. सामूहिक रुप से यह निर्णय लिया कि मुझे अब किसी और को यह मौका देना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि 4 साल (बीजेपी शासनकाल) पूरा होने में 9 दिन रह गए हैं. इतना मौका मुझे दिया गया. मैं प्रदेश वासियों का धन्यवाद करना चाहता हूं.

उल्लेखनीय है कि भाजपा के कुछ विधायक रावत से ख़ुश नहीं थे और चाहते थे कि रावत गद्दी छोड़ दें. इसके बाद ही केंद्रीय नेतृत्व बीते दो दिनों से मंथन कर रहा था. और तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की सीएम पद से छुट्टी हो सकती है.

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