अज़रबैजान से हार के बाद अर्मीनियाई PM को मा’रना चाहता था देश का नेता, पुलिस ने किया अरेस्ट..

November 15, 2020 by No Comments

नागोर्नो-काराबाख़ में आर्मीनिया की हुई हार ने विपक्ष को मौक़ा दिया है कि वो देश की सत्ता पर सवाल उठाये. सरकार के ख़िलाफ़ बड़े स्तर पर प्रोटेस्ट हो रहे हैं.प्रदर्शनकारियों की माँग है कि प्रधानमंत्री निकोल पशिन्याँ इस्तीफ़ा दें. इस विरोध प्रदर्शन को देश के मुख्य विपक्षी दल ने पूरा समर्थन दिया है. प्रदर्शनकारियों की नाराज़गी इस बात को लेकर है कि अज़रबैजान से हुए शांति समझौते में अर्मीनिया नागोर्नो-काराबाख़ का अहम् हिस्सा छोड़ने को क्यूँ तैयार हो गया.

इस बीच ख़बर है कि आर्मेनिया के विपक्षी नेता अर्तुर वनेत्स्याँ को गिर’फ़्तार कर लिया गया है. उनके ख़िलाफ़ गंभीर आरोप लगाये गए हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री की ह’त्या करने का प्लाट बनाया है और इस तरह वो सत्ता पर क़ाबिज़ होना चाहते हैं.वहीं वनेत्स्याँ के वकीलों ने इस आरोप को ग़लत बताते हुए कहा है कि अपने विरोधियों को जेल में डालने का बेशर्म तरीक़ा है.

आपको बता दें कि नागोर्नो-काराबाख़ का विवाद बहुत पुराना है. सोवियत युनियन के कमज़ोर होने की शुरुआत के साथ ही ये विवा’द भी खड़ा हुआ था. नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इस पर आर्मीनिया ने पिछले क़रीब 30 साल से क़’ब्ज़ा जमाया हुआ है. अर्मीनिया कहता है कि यहाँ उसके मूल के अधिक लोग रहते हैं इसलिए ये उसे दिया जाए लेकिन अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी इसे अज़रबैजान का हिस्सा मानती है. इस साल 27 सितम्बर से शुरू हुई जं’ग में आर्मीनिया लगातार पिछड़ता रहा जिसका नतीजा ये हुआ कि अंततः उसको हार का सामना करना पड़ा. रूस और तुर्की की पहल से अज़रबैजान और अर्मीनिया के बीच शांति समझौता हुआ है.

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