अज़रबैजान ने किया बड़ा दा’वा-‘आर्मीनिया की मिसाइल लौंच साईट को ध्व’स्त किया, यहीं से करता था…”

October 14, 2020 by No Comments

नागोर्नो काराबाख़ के मुद्दे पर आर्मीनिया और अज़रबैजान में ल’ड़ाई चल रही है. दोनों देश इस क्षेत्र पर दा’वा करते हैं जिस पर आर्मीनिया का क़ब्ज़ा है. अन्तराष्ट्रीय समुदाय की नज़र में ये अज़रबैजान का हिस्सा है. 27 सितम्बर को शुरू हुई इस जं’ग में अज़रबैजान कई दिन से आरोप लगा रहा है कि आर्मीनिया नागोर्नो काराबाख़ में हार रहा है और इसी बौखला’हट में वो अज़रबैजान के सिविलियन इलाक़ों को निशा’ना बना रहा है.

ताज़ा ख़बर ये आ रही है कि अज़रबैजान ने कहा है कि उसने आर्मेनिया की मिसा’इल लौंच साईट को तबाह कर दिया है. अज़रबैजान का दा’वा है कि इसी साईट से वो सिविलियन इलाक़ों पर मिसाइ’ल से हम’ला करता था. अज़रबैजान को इस जं’ग में तुर्की का बाहर से समर्थन मिल रहा है वहीँ इज़राइल भी अज़रबैजान को मिलिट्री सप्लाई दे रहा है. दूसरी तरफ़ रूस और ईरान जं’ग बंद करने की अपील कर रहे हैं.

अर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र को लेकर जं’ग चल रही है. इस क्षेत्र को अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी अज़रबैजान का मानती है लेकिन 1992 के बाद से इस पर आर्मेनिया का क़ब्ज़ा है. इस क़ब्ज़े को छुड़ाने के लिए अज़रबैजान दबाव बनाता रहा है वहीं आर्मीनिया दा’वा करता है कि चूंकि यहाँ अर्मेनियाई लोगों की आबादी ज़्यादा है इसलिए ये उसे मिलना चाहिए.

एक समय अर्मीनिया छोटा देश होने के बाद भी मज़बूत था क्यूँकि उसके पक्ष में रूस खुलकर खड़ा रहता था लेकिन अब रूस ख़ामोश है. आपको बता दें कि ये दोनों ही देश USSR का हिस्सा रहे हैं लेकिन USSR से अलग होने के बाद ये दोनों देश कट्टर दुश्मन की तरह बर्ताव करते हैं.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *